‘अधिकतर धर्मावलंबी आजीवन इसी ख़ुशफ़हमी/ग़लतफ़हमी में रहते हैं कि उनका धर्म सबसे अच्छा है।’ इस वाक्य में ‘ख़ुशफ़हमी’ लिखना सही है या ‘ग़लतफ़हमी’ या फिर दोनों में से कोई भी शब्द लिखा जा सकता है? जानने के लिए आगे पढ़ें।
‘अधिकतर धर्मावलंबी आजीवन इसी ख़ुशफ़हमी/ग़लतफ़हमी में रहते हैं कि उनका धर्म सबसे अच्छा है।’ इस वाक्य में ‘ख़ुशफ़हमी’ लिखना सही है या ‘ग़लतफ़हमी’ या फिर दोनों में से कोई भी शब्द लिखा जा सकता है? जानने के लिए आगे पढ़ें।
लोहे, पीतल या अन्य किसी धातु से बने कटोरे के आकार के बड़े बर्तन को, जिसका प्रयोग खाने-पीने की चीज़ें बनाने या तलने के लिए किया जाता है, क्या कहते हैं? कड़ाही या कढ़ाही? या दोनों ग़लत हैं और सही है कड़ाई या कढ़ाई? जानने के लिए आगे पढ़ें।
सैकड़ों सही है या सैंकड़ों? यानी कई सौ के लिए हिंदी में जो शब्द लिखा जाता है, उसमें ‘सै’ पर बिंदी लगेगी या नहीं? आज की चर्चा इसी पर है। रुचि हो तो आगे पढ़ें।
‘नाम’ शब्द और इसके अर्थ से हम सभी परिचित हैं और इससे बने अन्य शब्दों से भी। जैसे हरिनाम, सहस्रनाम, सर्वनाम, उपनाम, गुमनाम, बेनाम, बदनाम, हमनाम। ध्यान दीजिए, जहाँ पहले चार शब्दों में ‘नाम’ संस्कृत के शब्दों से जुड़ा है (हरि, सहस्र, सर्व और उप), वहीं बाक़ी चार शब्दों में ‘नाम’ फ़ारसी के शब्दों से जुड़ा है (गुम, बे, बद और हम)। ऐसे में किसी के भी मन में यह जिज्ञासा उत्पन्न हो सकती है कि एक ही अर्थ वाला नाम शब्द दोनों भाषाओं में कैसे मौजूद है?
नीम हकीम ख़तरा-ए-जान में ‘नीम’ का क्या अर्थ है – – एक वनस्पति, आधा या नक़ली? जब यह सवाल फ़ेसबुक पर पूछा गया तो 80% के विशाल बहुमत ने नीम का अर्थ ‘आधा’ बताया। शेष ने बाक़ी विकल्पों के पक्ष में मतदान किया। सही क्या है, जानने के लिए आगे पढ़ें।