अरबी का एक शब्द है जिसके दो मुख्य अर्थ हैं – 1. दबाना, सहना और 2. सरकारी हुक्म से छीनी गई कोई वस्तु। इस शब्द को अलग-अलग तरह से लिखा जाता है। कोई ज़ब्त लिखता है तो कोई जब्त। कोई-कोई जप्त भी लिखता है। ऐसे में सही क्या है, आज की चर्चा इसी पर है। रुचि हो तो पढ़ें।
