El Niño शब्द एक बार फिर ख़बरों में है। बताया जा रहा है कि जुलाई-अगस्त से इसका असर दिखना शुरू हो सकता है और आगे के महीनों में वह और तबाही ला सकता है। आज इसी El Niño पर बात की है कि यह क्या है और इसका सही उच्चारण क्या है। रुचि हो तो पढ़ें।
El Niño शब्द एक बार फिर ख़बरों में है। बताया जा रहा है कि जुलाई-अगस्त से इसका असर दिखना शुरू हो सकता है और आगे के महीनों में वह और तबाही ला सकता है। आज इसी El Niño पर बात की है कि यह क्या है और इसका सही उच्चारण क्या है। रुचि हो तो पढ़ें।
अरबी का एक शब्द है जिसके दो मुख्य अर्थ हैं – 1. दबाना, सहना और 2. सरकारी हुक्म से छीनी गई कोई वस्तु। इस शब्द को अलग-अलग तरह से लिखा जाता है। कोई ज़ब्त लिखता है तो कोई जब्त। कोई-कोई जप्त भी लिखता है। ऐसे में सही क्या है, आज की चर्चा इसी पर है। रुचि हो तो पढ़ें।
पराठा सही है या पराँठा? या इसका तीसरा रूप परांठा (परान्ठा जैसा उच्चारण) सही है? जब इसपर एक फ़ेसबुक पोल किया तो पहेली सुलझने के बजाय और उलझ गई क्योंकि पराठा और पराँठा दोनों को 44% वोट मिले। शेष वोट परांठा के पक्ष में गए। आख़िर सही क्या है? रुचि हो तो पढ़ें।
अम्मा और अम्माँ – इन दोनों के उच्चारण में कोई अंतर नहीं है। उसी तरह जिस तरह माँ और मा के उच्चारण में कोई अंतर नहीं है। लेकिन हिंदी में ‘माँ’ ही चलता है भले संस्कृत में ‘मा’ हो। ऐसे में प्रश्न उठता है कि अम्मा/अम्माँ के बीच कौनसा सही है – हिंदी के लिहाज़ से? आज की चर्चा इसी पर है। रुचि हो तो पढ़ें।
जनता या लोगों के अर्थ में उर्दू का एक शब्द है जिसे दो तरह से लिखा-बोला जा रहा है – अवाम और आवाम। एक फ़ेसबुक पोल से पता चला कि दो-तिहाई लोग आवाम को सही मानते हैं। क्या बहुमत का सोचना सही है? जानने में रुचि हो तो आगे पढ़ें।