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इंग्लिश क्लास

EC30 : DGPK चुप हो जाएँ N से पहले, N चुप हो जाए…

इस क्लास की शुरुआत मैं एक ऐसे शब्द से कर रहा हूँ जो अंग्रेज़ी के हर विद्यार्थी को परेशान करता है। वह शब्द है Pneu.mo.nia। इसका उच्चारण होता है न्यूमोनिया यानी P साइलंट है। दूसरे, इसकी स्पेलिंग ऐसी टेढ़ी-मेढ़ी है कि अच्छे से अच्छे को ‘सरघूमोनिया’ हो जाए… माने सर घूमने लग जाए। इस Pneumonia के बहाने आज हम बात करेंगे P, N और M की कि कहाँ-कहाँ ये साइलंट होते हैं या दूसरे को साइलंट करते हैं।

Pneumonia फेफड़े की एक ऐसी बीमारी है जो बैक्टीरिया या व़ाइरस के इन्फ़ेक्शन के कारण होती है। इसमें जो Pneu.mo– है, वह ग्रीक शब्द Pneu.mon से आया है जिसका मतलब है फेफड़ा। मैं आपको यह इसलिए बता रहा हूँ कि यदि आप अंग्रेज़ी के शब्दों को उनके मूल अर्थ के साथ समझेंगे तो आपको काफ़ी शब्द ऐसे ही समझ में आ जाएँगे। अगर Pneu.mo– का अर्थ मालूम होगा तो जहाँ भी Pneu.mo– देखेंगे, आप समझ जाएँगे कि इसका फेफड़ों से कुछ लेना-देना है।

PNeu.Monia में वे तीनों लेटर हैं जिनपर हम आज चर्चा करेंगे — यानी M, N और P।

M करे बेलन (B, L, N) को ख़ामोश

पहले M की बात। इसका उच्चारण है ‘म’ जिसको बोलना बहुत ही आसान है। हर बच्चा जन्म के बाद अपनी माता को जिस शब्द से पुकारता-पहचानता है, उसमें ‘म’ ज़रूर है चाहे शुरू में हो या अंत में। जैसे माँ और अम्मा। अंग्रेज़ी में भी माँ के लिए Moth.er, Mum.my, Mom या Ma.ma शब्द हैं। इसलिए M के उच्चारण में आपको कभी समस्या नहीं आनी चाहिए।

इस M का कमाल यह है कि यह ख़ुद तो हर जगह बोला जाता है (एक शब्द Mne.mon.ic को छोड़ कर जिसका उच्चारण है निमॉनिक), लेकिन बाक़ी अक्षरों को ख़ामोश कर देता है चाहे वे आगे हों या पीछे। B के मामले में हमने EC19 में पढ़ा (Bomb=बॉम, Dumb=डम), L के मामले में हमने EC 29 में जाना (Calm=काऽम, Balm=बाऽम) और अब N के मामले में भी हम देखेंगे कि कैसे वह उसे भी साइलंट कर देता है।

शब्दउच्चारणअर्थ
Au.tumn ऑटमशरद ऋतु
Sol.emn सॉलमविधिपूर्वक
Col.umn कॉलमस्तंभ या खंभा
Con.demn कन्डेमदोषी ठहराना
Hymn हिमस्तोत्र
Damn डैमनिंदा करना

साइलंट N वाले बस यही शब्द हैं और सभी में mn आख़िर में हैं। यदि mn किसी शब्द के बीच में आएँ और अलग-अलग शब्दांशों का हिस्सा हो तो दोनों का उच्चारण होगा जैसे Am.nes.ty=ऐमनिस्टी (आममाफ़ी)। इसमें M पहले शब्दांश Am का हिस्सा है और N दूसरे शब्दांश Nes का इसलिए इनके उच्चारण में कोई परेशानी नहीं है।

आप जानने चाहते होंगे कि ऐसा क्यों होता है। पिछली क्लासों में आपने पढ़ा कि किसी अक्षर के बाद में ध्वनि ही बदल गई जैसे J या कुछ शब्द किसी और भाषा से आए होते हैं और नई भाषा को बोलनेवाले उसका वैसा उच्चारण नहीं कर पाते। उदाहरण के लिए जर्मन मूल का Know अंग्रेज़ी में आकर ‘नो’ हो गया। लेकिन साइलंट लेटर्ज़ के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि जिन शब्दों को बोलने में लोगों को दिक़्क़त होती है, उन शब्दों में वे धीरे-धीरे दिक़्क़त पैदा करनेवाली ध्वनि बोलना कम या बंद कर देते हैं और वह ध्वनि कुछ समय के बाद साइलंट लेटर के रूप में स्वीकृत हो जाती है।

आप प्न्यूमोनिया बोलकर देखिए, ऑटम्न बोलकर देखिए, कॉलम्न बोलकर देखिए, सभी में दिक़्क़त होगी। इसी तरह बॉम्ब के मुक़ाबले बॉम बोलना आसान है। 

आप यह भी देखेंगे कि इन शब्दों के बाद कोई मात्रा आती है तो कई साइलंट अक्षर मुखर हो जाते हैं। Col.umn में m के तुरंत बाद n बोलना मुश्किल है इसीलिए वह साइलंट है लेकिन यदि इसके बाद -ist लगा देंगे तो कॉलम्निस्ट बोलना अपेक्षाकृत आसान है। बोलकर देखें —  कॉलम्+निस्ट=कॉलम्निस्ट। इसी तरह Bomb में M के बाद B बोलना (बॉम्ब) मुश्किल है इसीलिए B साइलंट है मगर इसके बाद -er लगा दें तो B बोलना आसान हो जाएगा। बोलें — बॉम्+बर=बॉम्बर। इसलिए इन शब्दों में दोनों उच्चारण मान्य हैं — कॉलमिस्ट या कॉलम्निस्ट और बॉमर या बॉम्बर।

N से पहले D, G, K हों चुप

ऊपर के शब्दों में N साइलंट है लेकिन ख़ुद N के क़रीब आकर भी कुछ लेटर — ख़ासकर D, G और K ऊपर बताए गए मुखसुख के नियम के तहत ख़ामोश हो जाते हैं। P का उदाहरण (Pneumo) तो आप देख ही चुके हैं। अब D, G और K के कुछ उदाहरण देखिए। बाक़ी के लिए इतना याद रखें कि GN चाहे शब्द के शुरू में हो या आख़िर में, G हमेशा ख़ामोश रहेगा। KN भी किसी शब्द के शुरू में देखें तो K का उच्चारण न करें। हाँ, अगर बात इस्राइली संसद की हो रही है, जिसे Knesset (कनेसेट) कहते हैं तो वहाँ K का उच्चारण होगा।

शब्दउच्चारणअर्थ
Wednes.day वेंज़डेबुधवार
Hand.ker.chief हैंक्अचिफ़/हैंकरचिफ़usरूमाल
Signसाइनचिह्न
Re.sign रिज़ाइनइस्तीफ़ा देना
For.eignफ़ॉरिनविदेश
Gnash नैशदाँत पीसना
Knowl.edgeनॉलिजज्ञान
Knuck.le नकलउंगली की गाँठ
Pneu.mo.nia न्यूमोनियाफेफड़े की एक बीमारी

N, S, T (नष्ट) से पहले P की बोलती बंद

P के बारे में कहने को कुछ विशेष नहीं है। इसका उच्चारण ‘प’ होता है जो हम सबको मालूम है क्योंकि माँ वाले ‘म’ के बाद अगला अक्षर पिताजी वाला ‘प’ ही होता है। अंग्रेज़ी में भी M से Ma.ma के बाद P से Pa.pa (पपा) होता है। P भी कुछ जगहों पर साइलंट होता है। एक तो Pneu.mo.nia है जो आपने ऊपर देखा। और कुछ शब्द हैं जिनमें P S या T से पहले आता है, वहाँ भी P चुप रहता है। अधिकतर शब्द Psy.cho– यानी मन से जुड़े हुए हैं। उदाहरण देखें :

शब्दउच्चारणअर्थ
Psy.chol.o.gy साइकॉलजीमनोविज्ञान
Psy.chi.a.tristसाइकायरिस्टमनोचिकित्सक
Psy.chot.icसाइकॉटिकविक्षिप्त
Pseu.doसूडोछद्म या नक़ली
Pter.o.saur टेर्असॉऽपंख वाले डायनासॉर
Re.ceiptरिसीटरसीद

ऊपर आप दो शब्दों पर ध्यान दें। Psy.cho– यानी मन। इसलिए जहाँ भी Psy.cho– देखें, वहाँ समझ लें कि मामला मन से जुड़ा है। उसी तरह Pseu.do- का मतलब है नक़ली। तो जहाँ Pseu.do- देखें, वहाँ उसका मतलब नक़ली समझें। अमीबा नामक एक बहुत ही छोटा प्राणी होता है सिर्फ़ एक कोशिका का। उसका कोई आकार नहीं होता। उसे चलना होता है तो शरीर का एक हिस्सा आगे कर देता है और वह पैर बन जाता है। उसे इंग्लिश में Pseu.do.po.di.um (सूड्अपोडियम) कहते हैं जिसका मतलब है नक़ली पैर। भारतीय राजनीति में भी Pseu.do- एक बहुप्रचलित शब्द  है। यहाँ पूरा शब्द नहीं लिख रहा वरना यहाँ भी लड़ाई शुरू हो जाएगी।

इस क्लास का सबक़

  1. साइलंट M वाला एक ही शब्द है Mne.mon.ic। लेकिन वह अपने साथ लगे B और L को साइलंट कर देता है। उदाहरण : Calm (काऽम), Bomb (बॉम)।
  2. MN आख़िर में हों तो N साइलंट हो जाता है जैसे Au.tumn (ऑटम)। GN और KN साथ हों और शब्द के शुरू या आख़िर में हों तो G और K साइलंट हो जाते हैं जैसे Be.nign (बिनाइन) और Knight (नाइट)। 
  3. S और T से पहले P साइलंट हो जाता है। उदाहरण : Psy.chol.o.gy (साइकॉलजी) और Re.ceipt (रिसीट)। 

अभ्यास

इस साइट पर जाएँ और साइलंट लेटर्ज़ वाले शब्दों को जानें।

चलते-चलते

इंग्लिश का सबसे लंबा शब्द कौन-सा है? विकिपीडिया के मुताबिक़ सबसे लंबा शब्द 189,819 अक्षरों का है। यह एक प्रोटीन का नाम है। और भी दो तकनीकी शब्द हैं जो 1909 और 183 अक्षरों के हैं। लेकिन इनमें से किसी को किसी डिक्श्नरी में स्थान नहीं मिला है। डिक्श्नरी में जगह पानेवाला सबसे लंबा शब्द है Pneu·mo·no·ul·tra·mi·cro·scop·ic·sil·i·co·vol·ca·no·co·ni·o·sis जिसका उच्चारण होगा न्यूमनो-अल्ट्रा-माइक्रस्कॉपिक-सिलिको-व़ॉल्केनो-कोनीओसिस। यह एक ऐसी बीमारी का नाम है जो फेफड़े में बहुत ही महीन धूल व राख के कणों के जाने से होती है।

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