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इंग्लिश क्लास

EC44: सिल्ॲबॅल  क्या है? पा…नी की तरह आसाँ है!

अंग्रेज़ी शब्दों के उच्चारण नियम सीखने के दो चरण हैं। पहले चरण में हमने यह जाना कि कहाँ किस स्वर का क्या उच्चारण होता है। मसलन मैंने आपको CVC के नियम बताए और बताया कि A जब दो कॉन्सनंट के बीच होता है तो उसका उच्चारण ‘ऐ’ होता है जैसे Man=मैन। इसी तरह बाक़ी स्वरों के बारे में भी बताया। लेकिन कई बार इन्हीं शब्दों का उच्चारण नियमों के विपरीत होता है। मसलन Man का उच्चारण Bats.man में मैन नहीं, मन होता है – बैट्समन। यही बात और भी शब्दों के साथ है। ऐसा कब और क्यों होता है, आज से हम यही समझने का काम शुरू कर रहे हैं। यानी आज से हम अंग्रेज़ी उच्चारण के दूसरे और अंतिम चरण की शुरुआत कर रहे हैं।

सबसे पहले मैं आपका परिचय दो शब्दों से करा दूँ — स्ट्रेस (Stress) और सिल्ॲबॅल (Syl.la.ble)। इनका हलका-फुलका ज़िक्र मैं पिछली क्लासों में भी कर चुका हूँ। अब मौक़ा आया है कि हम इसे अच्छी तरह से समझें। ठीक से समझना है तो आपको बच्चा बनना होगा और बच्चे की ही तरह बोलना सीखना होगा। बनेंगे ना?

सिल्ॲबॅल क्या है?

पहले सिल्ॲबॅल क्या है, यह समझते हैं। चलिए, शुरुआत हिंदी के एक कॉमन शब्द से करते हैं — पानी। बताइए, किसी छोटे बच्चे को यह शब्द बोलना सिखाना हो तो कैसे सिखाएँगे? यही कहेंगे न कि बोलो पा…नी? इसी तरह यदि उसे सिखाना हो दीदी तो कैसे बोलेंगे? ऐसे ही न — बोलो, दी…दी? पापा सिखाना होगा तो बोलेंगे — बोलो, पा…पा!

इन सभी शब्दों को हमने दो-दो हिस्सों में तोड़ा। ऐसे हर हिस्से को अंग्रेज़ी में सिल्ॲबॅल कहते हैं।  सिल्ॲबॅल यानी शब्दों के वे हिस्से जिनको आप स्वतंत्र रूप से बोल सकें। इसे हिंदी में शब्दांश कह सकते हैं।

तो है न बिल्कुल सिंपल? शब्दों को तोड़-तोड़ कर बोलें जैसे कोई बच्चा बोलना सीख रहा हो और आपको पता चल जाएगा कि शब्द में कौन-कौनसे और कितने सिल्ॲबॅल हैं। शब्दों को सिल्ॲबॅल में तोड़ने के क्या फ़ायदे हैं, यह मैं बाद में बताऊँगा। पहले शब्दों को सिल्ॲबॅल में तोड़ने का तरीक़ा जान लें।  

किसी शब्द में कितने सिल्ॲबॅल हैं, यह गिनने के कई तरीके हैं। एक तरीक़ा तो यही है कि आप उसमें स्वर गिन लें। जैसे Wa.ter में दो स्वर हैं – a और e तो उसमें दो सिल्अबल हैं। लेकिन इसमें दो गड़बड़ियाँ हैं। एक तो यह कि कई बार आख़िर में आने वाले e को नहीं गिना जाता। मसलन Name में कहने को तो दो स्वर हैं – a और e मगर इसमें एक ही सिल्ॲबॅल है क्योंकि बोलते समय केवल a का उच्चारण होता है – नेम्। इसी तरह Round में भी दो स्वर हैं – o और u और दोनों का उच्चारण भी हो रहा है लेकिन इनको भी एक ही सिल्ॲबॅल माना जाता है क्योंकि अंग्रेज़ी में आउ को एक स्वर माना जाता है। 

इसलिए मैं दूसरा तरीक़ा बता रहा हूँ सिल्ॲबॅल गिनने का। वह यह है कि शब्द बोलिए और देखिए कि उसमें हिंदी के स्वर कितनी बार आते हैं। यानी अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ कितनी बार आते हैं। इसमें ॲ, ॲऽ, आऽ, ऑ, ऑऽ और (लंबा) एऽ भी जोड़ दें। 6 और युगल स्वर — इॲ, एॲ, उॲ, आइ, आउ और ऑइ — भी हैं। इन युगल स्वरों को एक ही सिल्ॲबॅल माना जाएगा न कि दो। नीचे पाउड और बाइसिकल देखें। इस तरह आपको 21 स्वर ध्वनियों का ध्यान रखना है। मगर 21 की संख्या से घबराइए नहीं, मैं आपको एक सीधा-सा फ़ॉर्म्युला बता देता हूँ।

  1. सबसे पहले शब्द में कितने Vowel हैं, यह गिनिए। अमूमन इतने ही सिल्अबल यानी शब्दों के टुकड़े बनेंगे। साथ में पॉइंट नंबर 2 और 3 पर भी ध्यान दीजिए।
  2. अगर अंत में e है और वह साइलंट है यानी उसको स्वर में मत गिनिए। अगर हो रहा है तो गिनिए। मसलन Name (नेम) में e को नहीं गिनेंगे और Fi.an.cée (फ़िऑन्से) में गिनेंगे।
  3. जब दो स्वर एकसाथ हों तो उनको एक ही सिल्ॲबॅल मानें। जैसे Meet.ing और Read.er में तीन-तीन स्वर हैं लेकिन हम उन्हें दो सिल्ॲबॅल में ही बाँटेंगे क्योकि ee और ea एकसाथ हैं और उनका एक ही उच्चारण हो रहा है – ई। 

आइए, अब इन ज़रूरी जानकारियों के बाद अब नीचे दिए गए कुछ शब्दों में सिल्ॲबॅल गिनते हैं।

ऊपर जिन अक्षरों के नीचे हल् का चिह्न है, वे व्यंजन हैं जैसे ग्लास में ग्ला में ‘आ’ स्वर है लेकिन स् में कोई स्वर नहीं है। इसलिए उनको सिल्ॲबॅल गिनते समय नहीं काउंट नहीं किया जाएगा।

अब मैं बताता हूँ कि मैं सिल्ॲबॅल क्यों गिनवा रहा हूँ और इससे क्या फ़ायदा होगा। चलिए, इसे परिवार और उसके कमाऊ सदस्यों के उदाहरण से समझाता हूँ। इसी से आप स्ट्रेस (Stress) के बारे में भी समझ जाएँगे।

स्ट्रेस क्या है?

किसी संयुक्त परिवार में एक कमाऊ सदस्य हो सकता है, दो हो सकते हैं, तीन हो सकते हैं, चार हो सकते हैं। अब सारे के सारे बराबर तो नहीं कमाते। कोई कम कमाता है, कोई ज़्यादा कमाता है। अब जो ज़्यादा कमाता है, उसकी पूछ भी कुछ ज़्यादा होती है यानी परिवार में उसकी ज़्यादा चलती है।

अब परिवार की जगह शब्द को ले लें। यह तो आपने देखा ही कि किसी शब्द में एक सिल्ॲबॅल है तो किसी में ज़्यादा। जिसमें एक सिल्ॲबॅल है, उसमें तो कुछ सोचना ही नहीं है – शब्द में एक ही सिल्ॲबॅल हो तो उसी की चलेगी। लेकिन जिसमें एक से ज़्यादा सिल्ॲबॅल हैं, उनमें से किसी एक सिल्ॲबॅल की या कभी-कभी दो की ज़्यादा चलती है। ज़्यादा चलने का मतलब यह कि उस शब्द का उच्चारण करते समय उस सिल्ॲबॅल पर बाक़ी के मुक़ाबले ज़्यादा ज़ोर देना होता है। इसी को कहते हैं स्ट्रेस (Stress) या स्वराघात।

ऊपर की लिस्ट से  Com.put.er शब्द को लेते हैं। इसमें तीन सिल्ॲबॅल हैं — कम्.प्यू.टर्। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सदस्य है प्यू (क्यों है, यह आगे नियमों में समझेंगे) अभी केवल यह समझें कि प्यू पर स्ट्रेस है इसलिए कंप्यूटर बोलते समय प्यू पर सबसे ज़्यादा ज़ोर देना होगा। डिक्श्नरियों में इसे बताने के लिए स्ट्रेस वाले हिस्से से पहले एक ॲपॉस्ट्रॅफ़ी चिह्न (‘)  दे देते हैं (देखें चित्र)।

कहने का मतलब यह कि डिक्श्नरी में जिस लेटर के बाद यह चिह्न देखें, उसके बाद वाले सिल्ॲबॅल पर ज़ोर दें। मैंने आपकी सुविधा के लिए अपनी क्लासों में स्ट्रेस वाले सिल्ॲबॅल को बोल्ड (गहरा काला) कर दिया है। जैसे Com.put.er में put को बोल्ड किया हुआ है।

En.ve.lope (एन्.व.लोप) में En पर स्ट्रेस है और lope पर भी। ऐसे में एक पर प्राइमरी स्ट्रेस होता है और दूसरे पर सेकंडरी स्ट्रेस। किसी शब्द में यदि दो सिल्ॲबॅलों पर स्ट्रेस है तो प्राइमरी स्ट्रेस वाले हिस्से को बोल्ड और सेकंडरी स्ट्रेस है तो मैंने उसे दिखाने के लिए उसे अंडरलाइन कर दिया है। इस तरह — En.ve.lope.

सिल्ॲबॅल और स्ट्रेस समझने के बाद आपके सामने दो सवाल होंगे। एक, हमें कैसे पता चलेगा कि किसी शब्द में किस सिल्ॲबॅल पर ज़ोर (स्ट्रेस) देना है? क्या हर बार डिक्श्नरी देखनी होगी या इसका कोई नियम है? दो, किसी शब्द में पहले, दूसरे या तीसरे सिल्ॲबॅल पर स्ट्रेस है, यह जानने से हमें क्या फ़ायदा होगा?

पहले सवाल का जवाब : हाँ, इसके नियम हैं जिनके बारे में आगे एक-एक कर समझाया गया है।

दूसरे सवाल का जवाब : किस शब्द में किस सिल्ॲबॅल पर स्ट्रेस है, यह जानने से आप पूरे शब्द के उच्चारण का सही-सही अंदाज़ा लगा सकते हैं। स्ट्रेस ही तय करता है कि Com.bi.na.tion (कॉम्बिनेशन) में Com का उच्चारण ‘कॉम’ क्यों है और Com.bine (कम्बाइन) में ‘कम’ क्यों है? इसी तरह A का उच्चारण At.om में ‘ऐ’ क्यों है और A.bout में ‘ॲ’ क्यों है, यह भी स्ट्रेस के सिद्धांत से ही पता चल जाता है। तो है न स्ट्रेस बहुत ही काम की चीज़!

इसके बारे में हम बात करेंगे अगली क्लास में और जानेंगे हलका-भारी का सिद्धांत। और इसके साथ ही एक नई बात कि इंग्लिश में दो अ होते हैं। एक जिसे मैंने अ लिखा है और दूसरा जिसपर अर्धचंद्र का चिह्न लगाया है —  ॲ। 

इस क्लास का सबक़

इंग्लिश के उच्चारण नियमों को समझने के लिए स्ट्रेस और सिल्ॲबॅल को समझना बहुत ज़रूरी है। हर शब्द को आप स्वतंत्र रूप से बोले जा सकनेवाले हिस्सों में बाँट सकते हैं। इन हिस्सों को सिल्ॲबॅल कहते हैं। किसी शब्द में एक और किसी में एक से ज़्यादा सिल्ॲबॅल (शब्दांश) हो सकते हैं। जैसे Wa.ter में दो सिल्ॲबॅल हैं (क्योंकि इसमें दो स्वर हैं – a और e) जबकि Glass में केवल एक (क्योंकि इसमें एक ही स्वर है – a)। एक से ज़्यादा सिल्ॲबॅल वाले शब्दों में कोई एक या कभी-कभी दो सिल्ॲबॅल होते हैं जिनपर ज़्यादा ज़ोर (Stress) दिया जाता है। इन्हें Stressed Syllable कहा जाता है। किसी शब्द में किस सिल्ॲबॅल पर स्ट्रेस होगा, इसके कुछ नियम हैं। स्ट्रेस वाले सिल्ॲबॅल के बारे में जानने से शब्द के उच्चारण का अंदाज़ा लगाना आसान हो जाता है। यह स्ट्रेस ही है जो तय करता है कि किसी शब्द में मौजूद Com का उच्चारण ‘कम’ होगा या ‘कॉम’ या A का उच्चारण ‘ॲ’ होगा या ‘ए/ऐ’।

अभ्यास

किसी अख़बार या मैगज़ीन से कोई भी 50 शब्द चुनें। उनको अपने हिसाब से सिल्ॲबॅल में बाँटें और फिर इस साइट पर चेक करें। सिल्ॲबॅल में बाँटने का कोई एक तरीक़ा नहीं है। Water को आप Wa.ter (वॉऽ+टॅर) और Wat.er (वॉट+ॲर) दोनों तरह से बोल सकते हैं दोनों ही स्थितियों में स्ट्रेस Wa वाले a (ऑ) पर ही होगा।

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