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EC51: Develop क्यों है डिव़ेलप, बताए नियम नं. 3

पिछली दो क्लासों में हमने स्ट्रेस के पहले और दूसरे नियमों की बात की। दूसरे नियम में हमने उन शब्दों के उच्चारण का नियम जाना था जिनमें दो सिल्अबल होते हैं मगर जिनके आगे-पीछे कोई प्रिफ़िक्स या सफ़िक्स नहीं होता। आज हम तीन सिल्अबल वाले ऐसे शब्दों पर बात करेंगे जिनके आगे-पीछे कोई प्रिफ़िक्स या सफ़िक्स नहीं लगा है। इसका नियम भी बहुत आसान है। जानने के लिए आगे पढ़ें।

तीसरा नियम तीन सिल्अबल वाले शब्दों का उच्चारण समझने में हमारी मदद करता है। इस नियम से हम जान सकते हैं कि तीन सिल्अबल वाले किसी शब्द में स्ट्रेस किस सिल्अबल पर पड़ेगा। यदि स्ट्रेस पहले सिल्अबल पर है तो बाक़ी दोनों हलके होंगे। यदि स्ट्रेस दूसरे सिल्अबल पर हो तो पहले और तीसरे सिल्अबल हलके होंगे। कहने का अर्थ यह कि स्ट्रेस की पज़िशन जानकर हम उस सिल्अबल का भारी अथवा CVC/CVCe के नियमों के अनुसार उच्चारण कर सकते हैं और शेष का हलका। इससे हमें पूरे शब्द के उच्चारण का आइडिया लग सकता है।

तीसरे नियम के अनुसार तीन सिल्अबल वाले शब्दों में नाउन और ऐजिक्टिव़ के मामलों में स्ट्रेस अधिकतर पहले सिल्अबल पर पड़ता है और व़र्ब के मामले में स्ट्रेस  दूसरे सिल्अबल पर पड़ता है। नीचे दिए गए शब्दों में देखें — नाउन और ऐजिक्टिव़ में किस तरह पहले सिल्अबल पर और व़र्ब के मामले में दूसरे सिल्अबल पर स्ट्रेस पड़ रहा है।  

शब्दक्या है?उच्चारणअर्थ
Per.ma.nentadjपऽमनंटस्थायी
De.ve.lopverbडिव़ेलपबढ़ाना
Pos.i.tiveadjपॉज़िटिव़सकारात्मक
Con.ti.nentnounकॉन्टिनंटमहादेश
Con.sid.erverbकंसिडविचार करना
In.ci.dentnounइंसिडंटघटना
Ac.tu.aladjऐक्चुअलवास्तविक
Op.po.siteadjऑप्अज़िटविपरीत
Ve.hi.clenounव़ीइकलगाड़ी

इन शब्दों के उच्चारण का पैटर्न आप शुरुआती दो शब्दों से समझिए। पहला है Per.ma.nent जो कि विशेषण है इसीलिए उसके पहले सिल्अबल (Per) पर स्ट्रेस पड़ रहा है। इसका असर यह हो रहा है कि Per के बाद जो ma और nent सिल्अबल हैं, वे हलके हो गए हैं और ma का उच्चारण ‘मे’ या ‘मा’ के बजाय  ‘म’ और nent का उच्चारण ‘नेंट’ के बजाय ’नंट’ हो गया है। इसी तरह De.ve.lop व़र्ब है इसलिए नियम के अनुसार उसके दूसरे सिल्अबल पर स्ट्रेस पड़ रहा है जिस कारण पहले और तीसरे सिल्अबल हलके हो गए हैं। नतीजा – De का उच्चारण ‘डी’ या ‘डे’ के बजाय ‘डि’ और Lop का उच्चारण ‘लॉप’ के बजाय ‘लप’ हो गया है। आप जानते ही हैं कि ‘इ’ और छोटा ‘अ’ हलके उच्चारण हैं।

ऐसा नहीं है कि तीन सिल्अबल वाले सारे शब्दों में ये नियम लागू होंगे। यह तो मैंने पहले ही बता दिया कि शब्द के आगे-पीछे कोई प्रिफ़िक्स (जैसे Pro-, For-, A- आदि) या सफ़िक्स (-al, -tion, -cy) आदि न हों, तभी यह नियम लागू होगा।

दूसरे, यदि कोई क्रिया ऐसी हो जिसमें आख़िर में -ate या –ise हों तो स्ट्रेस दूसरे सिल्अबल पर नहीं, बल्कि पहले और तीसरे पर होगा — पहले पर प्राइमरी स्ट्रेस और तीसरे पर सेकंडरी स्ट्रेस। नाउन के मामले में भी कुछ अपवाद हैं जैसे Tomorrow और Disaster जो मैंने नीचे दिए हैं।

शब्दक्या है?उच्चारणअर्थ
To.mor.rownoun टमॉरोआनेवाला कल
Dis.as.ternounडिज़ास्टविपदा
Re.no.vateverbरेन्अव़ेऽटसुधारना
Com.pro.miseverbकॉम्प्रमाइज़समझौता

Com.pro.mise और Re.no.vate पर ग़ौर फ़रमाएँ। ऐसे शब्दों में जहाँ आपको पता है कि आख़िरी सिल्अबल भारी है, वहाँ स्ट्रेस का नियम किस तरह आपकी मदद करता है, यह मैं आपको फिर से बताता हूँ। आप जानते हैं कि Re का उच्चारण ‘रि’ भी होता है और ‘रे’ भी। इसी तरह Com का उच्चारण ‘कम’ भी होता है और ‘कॉम’ भी। लेकिन चूँकि आपको पता है कि यहाँ तीसरा सिल्अबल भारी है यानी उस पर स्ट्रेस है तो इससे पहले वाला यानी दूसरा सिल्अबल हलका होगा और उससे पहले वाला भारी। सो Re यहाँ रे होगा और Com होगा कॉम। इस तरह बिना डिक्शनरी निकाले आप दोनों का सही उच्चारण जान सकते हैं। चूँकि दो भारी (स्ट्रेसवाले) सिल्अबल 99 प्रतिशत केस में एकसाथ नहीं आते, इसलिए रि.नो.व़ेट और कं.प्रो.माइज़ कभी नहीं होगा।

नाउन और व़र्ब में स्ट्रेस से उच्चारण कैसे बदलता है, उसका एक अच्छा उदाहरण है Dup.li.cate/Dup.li.cate। यह शब्द नाउन, ऐजिक्टिव़ और व़र्ब तीनों रूपों में इस्तेमाल होता है। नाउन और ऐजिक्टिव़ के तौर पर इसके पहले सिल्अबल (Dup) पर स्ट्रेस होता है और बाक़ी दोनों सिल्अबल हलके रहते हैं, उच्चारण बनता है ड्यूप्लिकट (Dup.li.cate) जबकि व़र्ब होने पर पहले और तीसरे दोनों सिल्अबलों पर स्ट्रेस पड़ता है (चूँकि लास्ट में -ate है) और उच्चारण हो जाता है ड्यूप्लिकेऽट (Dup.li.cate)।

इस क्लास का सबक़

तीन सिल्अबल वाले शब्दों में नाउन और ऐजिक्टिव़ के मामलों में स्ट्रेस पहले सिल्अबल पर पड़ता है और व़र्ब के मामले में स्ट्रेस दूसरे सिल्अबल पर पड़ता है। व़र्ब के कुछ मामलों में जहाँ अंत में -ate या -ise हो, वहाँ दूसरे सिल्अबल के बजाय पहले और तीसरे सिल्अबल पर स्ट्रेस पड़ता है यानी डबल स्ट्रेस — पहले पर  प्राइमरी और तीसरे पर सेकंडरी स्ट्रेस। इस नियम के आधार पर हम कई बार ऐसे शब्दों का उच्चारण पता कर सकते हैं जो दो रूपों में इस्तेमाल होता है। 

अभ्यास

किसी अख़बार या मैगज़ीन से तीन सिल्अबल वाले 25 शब्द खोजें और उनके उच्चारण का अंदाज़ा लगाएँ और डिक्शनरी से मिलाएँ। ये ऐसे शब्द हों जिनके आगे कोई प्रिफ़िक्स और पीछे कोई सफ़िक्स न लगा हो क्योंकि ऐसे शब्दों के लिए और नियम हैं जो आगे की क्लासों में बताए जाएँगे।

चलते-चलते

To.day, To.mor.row और Yes.er.day ऐसे शब्द हैं जो हर बच्चे को नर्सरी से ही सिखाए जाते हैं। लेकिन पहले दो शब्दों में To का उच्चारण ‘टु’ नहीं, ‘ट’ है, यह कभी नहीं बताया जाता। और ये ‘ट’ क्यों है, यह बताने की ज़रूरत अब मुझे नहीं होनी चाहिए, फिर भी बता देता हूँ — चूँकि Day और Mor पर स्ट्रेस है सो उससे पहले आ रहे To को हलका होना ही था और वह हो गया ‘ट’। Yes.ter.day में Yes पर प्राइमरी स्ट्रेस और Day पर सेकंडरी  स्ट्रेस है इसलिए इसका उच्चारण होगा येसटऽडे न कि यसटर्डे। ध्यान दें, Yes.ter (पिछले) वाले इस Yes (येस) का ‘हाँ’ वाले Yes (येस) से कोई लेना-देना नहीं है। 

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