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शब्दचर्चा

Thalapathy विजय – न थलपति, न थलापति…

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जे. विजय के नाम के आगे एक शब्द लगता है –Thalapathy जिसका मतलब है नेता या कमांडर। हिंदी में इसे थलपति, थलापति या थालापति लिखा जा रहा है। आज की चर्चा हम जानेंगे कि इनमें से कौनसा शब्द सही है।

आगे बढ़ने से पहले जान लेते हैं कि कौनसा मीडिया संस्थान क्या लिख रहा है। आप देखेंगे कि नवभारत टाइम्स और News18 में दो तरह से लिखा जा रहा है।

  1. थलपति – जागरण, आजतक, नवभारत टाइम्स, ABP News
  2. थलापति – भास्कर, News18, NDTV हिंदी
  3. थालापति – हिंदुस्तान, नवभारत टाइम्स, News18
Thalapathy written in three different ways on Hindi websites
हिंदी वेबसाइटों पर तीन तरह से लिखा जा रहा है Thalapathy.

NDTV की एक ख़बर में मुझे तलपति भी दिखा।

अब पता करते हैं कि सही क्या है?

अगर स्रोत, अर्थ और संस्कृत उच्चारण के हिसाब से तय करें तो सही है दलपति क्योंकि यह दलपति से ही बना है। लेकिन तमिल में इसका उच्चारण होता है तलपति।

अब आप सोच रहे होंगे कि जब शब्द दलपति है तो तमिल में उसे तलपति क्यों लिखा जाता है। क्या तमिल में ‘द’ की ध्वनि नहीं है?

बिल्कुल है। लेकिन तमिल वर्णमाला में ‘त’ और ‘द’ के लिए एक ही लेटर है – த जिसका उच्चारण ‘त’ भी हो सकता है, ‘द’ भी।

नियम यह है कि த (त/द) अगर शब्द के शुरू में हो तो उच्चारण होता है ‘त’, बीच में हो तो उच्चारण होता है ‘द’ और अंत में हो, तब भी उच्चारण ‘द’ होता है अगर उसके पहले और बाद में स्वर हों।

तलपति की तमिल स्पेलिंग (தளபதி) पर ध्यान दें। इसमें शुरू और अंत में एक ही लेटर (த) है। अंतर बस इतना ही कि अंतिम த में छोटी इ की मात्रा भी लगी हुई है।

ऊपर बताए गए नियमानुसार

  1. தளபதி में शुरू में आने वाले த लेटर का उच्चारण ‘त’ होना चाहिए। हो भी रहा है। इसीलिए ‘तल’।
  2. लेकिन अंत में जो தி है, उसका उच्चारण ऊपर बताए गए नियम के अनुसार ‘दि’ होना चाहिए (क्योंकि यहाँ वह दो स्वरों – अ और इ के बीच में है) लेकिन अपवाद के तौर पर उच्चारण होता है ‘ति’। बोला जाएगा ‘पति’।

कारण यह कि कि ‘पति’ शब्द संस्कृत से आया है। इसलिए ‘पति’ के संस्कृत उच्चारण से मेल बिठाने के लिए தளபதி (तलपति) का उच्चारण भी तलपदि के बजाय तलपति किया जाता है।

अब आप पूछ सकते हैं कि जब इसका उच्चारण तलपति है तो उसे रोमन में Thalapathy/Thalapathi क्यों लिखा जाता है यानी ‘त’ के लिए TH क्यों लिखा जाता है। Th से तो ‘थ’ होता है (Think=थिंक) या ‘द’ होता है (Then=देन)।

इसका कारण यह है कि अंग्रेज़ी में ‘त’ की ध्वनि नहीं है और इसी कारण उसे व्यक्त करने के लिए कोई लेटर नहीं है।

ऐसे में हम हिंदी वाले ‘त’ के लिए T का ही प्रयोग कर लेते हैं – Tiwari (तिवारी) में भी T और Bhatt (भट्ट) भी T। लेकिन तमिलभाषी ‘त’ के लिए T के बजाय TH का प्रयोग करते हैं। त या द के लिए TH, ट के लिए T.

अब आप सोच रहे होंगे कि यदि त के लिए तमिल में TH लिखा जाता है तो थ वाले शब्दों को कैसे लिखते होंगे?

कुछ नहीं क्योंकि तमिल में थ ध्वनि है ही नहीं। थ ही नहीं, तमिल में कोई भी महाप्राण ध्वनि नहीं है। न ख, न घ, न छ, न झ, न ठ, न ढ, न फ, न भ।

अब अंतिम प्रश्न कि इसे तलपति लिखना सही है या दलपति।

इसका जवाब ऐक्टर विजय के नाम में छुपा हुआ है कि उसे हम कैसे लिखना पसंद करेंगे। उनका पूरा नाम है Chandrasekaran Joseph Vijay.

ध्यान दीजिए, यह Chandrasekaran (चंद्रसेकरन) है, Chandrashekharan नहीं क्योंकि तमिल में पारंपरिक रूप से ‘श’ और ‘ख’ की ध्वनियां नहीं है। ‘फ़’ भी नहीं है, इसलिए Joseph को भी जोसप बोला जाता है।

ऐसे में क्या हम उनका नाम चंद्रसेकरन जोसप विजय लिखना चाहेंगे?

शायद नहीं। हम चंद्रसेकरन को चंद्रशेखऱन लिखेंगे और जोसप को जोसफ़।

अगर ऐसा है तो तलपति को भी दलपति क्यों नहीं लिखना चाहिए जो कि उसका मूल संस्कृत उच्चारण है? चंद्रशेखरन के मामले में संस्कृत उच्चारण लेकिन दलपति के मामले में तमिल उच्चारण! यह तो दोहरी नीति हो गई।

जाते-जाते एक और जानकारी। ऐक्टर विजय की पार्टी TVK का पूरा नाम है – Tamilaga Vettri Kazhagam जिसको हिंदी में लिखा जाएगा तमिलग वेट्रि कड़गम। इसे हिंदी मीडिया में कई जगह वेत्री लिखा जा रहा है लेकिन यह ग़लत है।

इस Kazhagam को मैंने कड़गम लिखा है। लेकिन हिंदी मीडिया में इसे कषगम और कझगम भी लिखा जाता है। ऐसा क्यों, यह जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक या टैप करें।

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