Israel का नाम हिंदी मीडिया मे कई तरह से लिखा जा रहा है। कोई इजराइल लिख रहा है तो कोई इजरायल। कोई ‘ज’ के बजाय ‘ज़’ लिख रहा है (इज़राइल) तो कोई ‘स’ (इसराइल)। आज की चर्चा इसी पर है कि इस देश के नाम का सही उच्चारण क्या है।
पश्चिम एशिया में इन दिनों दो देशों के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है। इनमें से एक है ईरान जिसके नाम पर किसी को कोई संदेह नहीं। लेकिन दूसरे देश के नाम पर भारी मतभेद है।
दैनिक भास्कर और प्रभात ख़बर इजराइल लिख रहे हैं तो नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, जागरण, इंडिया टीवी, आजतक और न्यूज़18 इजरायल। इसी शब्द को लल्लनटॉप, NDTV, द प्रिंट, पंजाब केसरी, पत्रिका न्यूज़ और वायर नुक़्ता लगाकर लिख रहे है – इज़रायल। एक-दो पुरानी ख़बरों में इज्राइल भी दिखा।
इसके उलट बीबीसी और अमर उजाला हैं जो ‘ज’ या ‘ज़’ का इस्तेमाल ही नहीं कर रहे। वे इसकी जगह ‘स’ का प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन वे भी इस नाम को दो तरह से लिख रहे हैं। बीबीसी इसराइल लिख रहा है तो अमर उजाला इस्राइल।
अब कोई भी पाठक या पत्रकार इस सोच में पड़ सकता है कि सही क्या है।
इजराइल, इजरायल, इज़राइल, इज़रायल, इसराइल या इसरायल? या इनके आधे ज (ज्र/ज़्र) या आधे स (स्र) वाले रूप?
इसका फ़ैसला आसान नहीं है। कारण, हम अलग-अलग देशों के मामले में अलग-अलग नियम अपना रहे हैं। कुछ के मामले में हूबहू लिख रहे हैं (बांग्लादेश, पाकिस्तान) तो कुछ में हल्का फेरबदल करके (इंग्लंड की जगह इंग्लैंड, कैनडा को कनाडा)।
जिन देशों के साथ हमारे पुराने रिश्ते रहे हैं, हमने उनके अरबी-फ़ारसी नाम अपना लिए हैं जैसे मिस्र (Egypt) और यूनान (Greece) हालाँकि कई मीडिया संस्थान अब उनके अंग्रेज़ी नाम ही इस्तेमाल कर रहे हैं। वैसे भी अधिकतर देशों के नामों के मामलों में हम अंग्रेज़ी नामों का ही हिंदी लिप्यंतर करते रहे हैं (फ़्रांस, जर्मनी आदि)।
लेकिन Israel के मामले में क्या करें? यह तो नया देश है जो 1948 में अस्तित्व में आया। इसलिए उस देश का पुराना कोई नाम होने का प्रश्न ही नहीं है। ऐसे में हमारे पास दो ही रास्ते हैं। या तो हम हूबहू अंग्रेज़ी नाम या उससे मिलता-जुलता नाम हिंदी में रखें या इसे वैसे बोलें-लिखें जैसे यहूदी इसे बोलते हैं।
अंग्रेज़ी और हीब्रू उच्चारण में मूलभूत अंतर
अंग्रेज़ी में Israel को इज़रेअल/इज़्रेअल बोला जाता है। यानी S का उच्चारण ‘ज़’ किया जा रहा है। हिंदी के ज़्यादातर अख़बार इसी के अनुरूप नुक़्ते या बिना नुक़्ते के इज़रायल/इजरायल/इज़राइल चला रहे हैं।
उधर हीब्रू में इसका उच्चारण है इसराएल/इस्राएल। यानी S का उच्चारण ‘स’ किया जा रहा है। बीबीसी और अमर उजाला इसी नाम से मिलते-जुलते रूपों को फ़ॉलो कर रहे हैं – इसराइल और इस्राइल।
ऐसे में यह किसी भी संस्थान का निजी फ़ैसला हो जाता है कि वह नाम चुनने में कौनसी नीति पर अमल करे। अंग्रेज़ी नाम वाली या मूल उच्चारण वाली।
अगर आप मेरी राय जानना चाहते हैं तो मेरा समर्थन इसराइल को है। कारण, यह मूल हीब्रू नाम के अधिकतम क़रीब है।
