अरबी का एक शब्द है जिसके दो मुख्य अर्थ हैं – 1. दबाना, सहना और 2. सरकारी हुक्म से छीनी गई कोई वस्तु। इस शब्द को अलग-अलग तरह से लिखा जाता है। कोई ज़ब्त लिखता है तो कोई जब्त। कोई-कोई जप्त भी लिखता है। ऐसे में सही क्या है, आज की चर्चा इसी पर है। रुचि हो तो पढ़ें।
ज़ब्त करना या जब्त करना? या फिर जप्त करना? जब इसपर एक फ़ेसबुक पोल किया गया तो आधे लोगों ने ‘जब्त’ को सही बताया तो आधे ने ‘जब्त’ को।
सही है ज़ब्त (देखें चित्र)।

किसी चीज़ को सरकारी क़ब्ज़े में लेने के अर्थ में ‘ज़ब्त’ शब्द का प्रयोग हिंदी में अधिक होता है भले ही अधिकतर लोग नुक़्ता नहीं लगाते। उधर ‘सहने’ या ‘दबाने’ के अर्थ में ‘ज़ब्त’ का प्रयोग कम होता है। इस अर्थ में ‘ज़ब्त’ के बदले ‘सहना’ या ‘बर्दाश्त करना’ का अधिक प्रयोग होता है।
‘ज़ब्त’ का एक बिगड़ा हुआ रूप है ‘जप्त’ जो बोलचाल में ख़ूब चलता है। इसी कारण नामी वेबसाइटों पर भी ग्रामीण संवाददाताओं द्वारा भेजी गई (असंपादित) ख़बरों में हमें ‘जप्त’ और ‘जप्ती’ जैसे शब्द अक्सर देखने को मिल जाते हैं जैसे गाड़ी जप्त हो गई, दवाएँ जप्त हो गईं आदि (देखें चित्र)।


परंतु सही शब्द ‘ज़ब्त’ ही है। अगर किसी शब्दकोश में ‘जप्त’ दिया भी है तो वहाँ उसका अर्थ देने के बजाय ‘ज़ब्त’ की एंट्री देखने का इशारा किया गया है (देखें चित्र)।

यानी सही शब्द ज़ब्त ही है।

3 replies on “287. सही क्या है – ज़ब्त, जब्त या जप्त?”
जनाब आलिम साहब
मैं इस बात को लेकर काफ़ी भ्रम अथवा पेशोपस में हूँ, कि मैं मनसुख मांडविया लिखूँ या मनसुख मंडाविया लिखूँ क्योंकि गुजराती में इसे મનસુખ માંડવિયા लिखा गया है। कृपया मेरे उलझन दूर करें।
सधन्यवाद
प्रार्थी
नमस्ते। गुजराती उच्चारण ही लिखें।
वैसे मैं आपसे वॉट्सऐप पर संपर्क इसलिए नहीं कर सकता हूँ, क्योंकि मेरे मित्र मुझे ऐसा करने से रोकते हैं। वे कहते हैं कि किसी अनजान व्यक्ति को वॉट्सऐप ग्रूप में ऐड करने से आप मुझसे पैसे-वैसे माँगने वाली बातें करेंगे। मैंने उन्हें बहुत समझाया, वे नहीं माने। इसलिए आपसे मैं वेबसाइट पर ही प्रश्न पूछ लिया करूँगा।