पराठा सही है या पराँठा? या इसका तीसरा रूप परांठा (परान्ठा जैसा उच्चारण) सही है? जब इसपर एक फ़ेसबुक पोल किया तो पहेली सुलझने के बजाय और उलझ गई क्योंकि पराठा और पराँठा दोनों को 44% वोट मिले। शेष वोट परांठा के पक्ष में गए। आख़िर सही क्या है? रुचि हो तो पढ़ें।
पोल के नतीजे से ज़ाहिर है कि इस मामले में राय बँटी हुई है। शायद इलाक़े-इलाक़े का असर हो। पूरब में पराठा चलता हो, पश्चिम में पराँठा और उत्तर में परांठा। कहीं-कहीं परौठा और परावठा भी चलते हैं जैसे कि बंगाल में इसे परोटा (পরোটা) कहते हैं।

हैरानी की बात यह है कि कोशकार भी इस मामले में एकमत नहीं हैं। हिंदी शब्दसागर और ज्ञानकोश पराँठा को सही बता रहे हैं तो प्लैट्स के शब्दकोश के मुताबिक़ पराठा सही है (देखें चित्र)।


अब ऐसे में किसी एक को सही और दूसरे को ग़लत ठहराया जाए भी तो कैसे?
अनिर्णय का एक कारण यह भी है कि पराठा/पराँठा/परांठा किससे बना है, इसपर कोशकार एकमत नहीं हैं। शब्दसागर कहता है कि यह पलटना से बना है (देखें ऊपर का चित्र 1) लेकिन पलटा तो रोटी को भी जाता है इसलिए यह तर्क भरोसेमंद नहीं लगता। इसी तरह प्लैट्स का यह कहना कि यह संस्कृत के ‘पर’ या ‘परा’ के साथ ‘स्थ:’ या ‘स्थित:’ के जुड़ने से बना है (देखें ऊपर का चित्र 2), वह भी दूर की कौड़ी लगता है। अगर इस तरह का कोई शब्द बना होता तो वह संस्कृत में अवश्य प्रचलन में रहता।
लेकिन संस्कृत में या तो रोटी/रोटिका है या फिर पूप, पूपिका, अपूप, पूरिका जैसे शब्द। इनमें से कोई भी शब्द पराठा/पराँठा/परांठा से मिलता हुआ नहीं है।
यदि संस्कृत के किसी शब्द से हिंदी को कोई शब्द बनता है तो उस शब्द का विकासक्रम समझना आसान होता है, चाहे वह सीधे अपने तत्सम रूप में हिंदी में आया हो या तद्भव रूप में। लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं है। इसलिए आज के शाब्दिक मुक़ाबले को हमें अनिर्णीत घोषित करना होगा इस निष्कर्ष के साथ कि इसके दोनों/तीनों/सारे रूप आंचलिक आधार पर सही हैं।

One reply on “286. सही क्या है – पराठा, परांठा या पराँठा?”
मेरे हिसाब से Chennai को हिन्दी में “चेन्नै” लिखा जाना चाहिए, “चेन्नई” ग़लत होगा।