प्रधानमंत्री 15 मई 26 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी Abu Dhabi में थे। हिंदी मीडिया ने प्रधानमंत्री के दौरे के ख़बरें लिखते समय हर जगह इसे अबू धाबी लिखा। लेकिन अबू धाबी इसका नाम हो ही नहीं सकता क्योंकि अरबी में ध है ही नहीं। तो क्या है Abu Dhabi के नाम का सही उच्चारण, यह जानने में रुचि हो तो आगे पढ़ें।
Abu Dhabi को अबू धाबी लिखना वैसे ही ग़लत है जैसे तमिल शब्द Thalapathy को थलपति लिखना ग़लत है (पढ़ें- शब्दचर्चा 84)।
कारण एक है। तमिल में ‘थ’ नहीं है इसलिए तमिल में थलपति जैसा शब्द नहीं हो सकता। उसी तरह अरबी में ‘ध’ नहीं है, इसलिए UAE की राजधानी का नाम अबू धाबी नहीं हो सकता।
Abu Dhabi का सही उच्चारण क्या है, यह जानने के लिए मैंने अपने उर्दूदाँ मित्रों मुईन शम्सी और मो. सलाहुद्दीन से संपर्क किया और पूछा कि उर्दू में Abu Dhabi को कैसे लिखा जाता है।
पता चला कि उर्दू में उसे ابو ظہبی (अबू ज़ह्बी) लिखा जाता है हालाँकि फ़ारसी में इसकी स्पेलिंग है ابو ظبی (अबू ज़बी)। इसमें अबू का अर्थ है पिता और ज़ह्बी/ज़बी का अर्थ है हरिण। पूरे शब्द का मतलब हुआ हरिणों का पिता। चूँकि इस इलाक़े में हरिण बहुतायत में पाए जाते हैं सो इसका नाम अबू ज़ह्बी/ज़बी पड़ा।
अब प्रश्न यह उठता है कि इस अबू ज़ह्बी/ज़बी को रोमन में Abu Dhabi क्यों लिखा जाता है। इसे Abu Zhabi या Abu Zabi भी लिखा जा सकता था क्योंकि अंग्रेज़ी में ‘ज़’ की ध्वनि के लिए Z मौजूद है।
इसका कारण मुझे यह बताया गया कि उर्दू और फ़ारसी में भले ही इसे अबू ज़ह्बी या अबू ज़बी लिखा और बोला जाता हो मगर अरबी में इसका उच्चारण अबू द़बी ‘जैसा’ है। चूँकि UAE की सरकारी भाषा अरबी ही है इसलिए वहाँ इसका अरबी उच्चारण (अबू द़बी) ही चलता है।
ग़ौर कीजिए, मैंने इसे अबू द़बी ‘जैसा’ कहा है, अबू दबी नहीं कहा है क्योंकि द़बी (ظبی) में जो b के आकार वाला लेटर (ظ) है और जिसे अरबी में ज़ॉ और उर्दू में ज़ोए कहते हैं, उसका उच्चारण अरबी में न ‘द’ होता है, न ‘ज़’। लेकिन उसके बोलने का तरीक़ा ‘द’ बोलने के तरीक़े से मिलता-जुलता है। इसीलिए अंग्रेज़ी में उसे Dhabi लिखा जाता है।
लेकिन फ़ारसी और उर्दू में तो इसे दबी या दह्बी नहीं कहते, ज़बी या ज़ह्बी कहते हैं। ऐसा क्यों? आइए, समझते हैं।
आप जानते होंगे कि ईरान में जब इस्लाम का प्रवेश हुआ तो अरबी भाषा के कई शब्द फ़ारसी में गए। इन शब्दों में कुछ ध्वनियाँ ऐसी थीं जो ईरानी नहीं बोल पाते थे। इनमें द़बी (ظبی) वाली यह ज़ॉ (ظ) की ध्वनि भी थी। ईरानी चूँकि यह ध्वनि बोल नहीं पाते थे तो जहाँ-जहाँ यह लेटर था, वहाँ स्पेलिंग तो वही रखी लेकिन उच्चारण ‘ज़’ की तरह करना शुरू कर दिया क्योंकि ‘ज़’ की ध्वनि उनकी भाषा में पहले से थी। यही कारण है किظبی जो अरब में द़बी बोला जाता था, ईरान में ज़बी बोला जाने लगा। स्पेलिंग एक ही रही मगर उच्चारण बदल गया। वैसे ही जैसे संस्कृत का ज्ञानी जिसे संस्कृत में ज्याँनी बोला जाता था/है, हिंदी में आकर ग्याँनी हो गया। स्पेलिंग एक, उच्चारण दो।
मगर उर्दू वाले इस ज़बी से संतुष्ट नहीं हुए। वे जानते थे कि ظ की ध्वनि ‘ज़’ जैसी तो है नहीं, थोड़ी भारी है। सो उन्होंने उसके बाद एक ‘ह’ लगा दिया – जैसे अंग्रेज़ी (Dhabi) में किया गया था, वैसे ही। इसलिए उर्दू स्पेलिंग होग गई ज़ह्बी (ظہبی)।
अब प्रश्न यह रहता है कि इसे हिंदी में क्या लिखा जाए? सबसे सिंपल था कि हम इसे अबू दबी लिखते क्योंकि जैसे ईरानियों ने ظ को ‘ज़’ कर दिया, वैसे ही हम इसे ‘द’ या ‘द़’ कर सकते थे। लेकिन यदि हम बाक़ी भाषाओं से प्रेरणा लेते हैं तो हमारे सामने ये चार ऑप्शन हैं –
- अबू दबी/दह्बी (अरबी स्पेलिंग/उच्चारण से मेल खाता हुआ)
- अबू ज़बी (फ़ारसी स्पेलिंग/उच्चारण से मेल खाता हुआ)
- अबू ज़ह्बी/ज़हबी (उर्दू स्पेलिंग/उच्चारण से मेल खाता हुआ)
- आबू डाबी (अंग्रेज़ी स्पेलिंग/उच्चारण से मेल खाता हुआ)
आप देख रहे होंगे कि अभी हिंदी में Abu Dhabi का जो रूप चल रहा है – अबू धाबी – वह इन चारों में से किसी से मेल नहीं खाता। ऐसा इसलिए हो रहा है कि हिंदी वालों ने इस नाम का उच्चारण समझने की कोशिश ही नहीं की। आधा इधर से लिया, आधा उधर से। अबू लिया अरबी/फ़ारसी से और धाबी लिया अंग्रेज़ी (Dhabi) से बिना यह सोचे-समझे कि ‘ध’ की ध्वनि न अरबी/फ़ारसी में है, न अंग्रेज़ी में, फिर अबू धाबी कैसे होगा?
जिस तरह Abu Dhabi को अबू धाबी लिखना ग़लत है, उसी तरह ईरानी विदेश मंत्री का सरनेम अराघची लिखना भी ग़लत है क्योंकि फ़ारसी में ‘घ’ नहीं है। जानें ईरानी विदेश मंत्री के नाम का सही उच्चारण।
