El Niño शब्द एक बार फिर ख़बरों में है। बताया जा रहा है कि जुलाई-अगस्त से इसका असर दिखना शुरू हो सकता है और आगे के महीनों में वह और तबाही ला सकता है। आज इसी El Niño पर बात की है कि यह क्या है और इसका सही उच्चारण क्या है। रुचि हो तो पढ़ें।
हिंदी मीडिया का एक बड़ा हिस्सा ज़माने से El Niño को अल नीनो लिखता आया है और इस बार भी अल नीनो ही लिख रहा है। मैंने हिंदी अख़बारों के प्रिंट संस्करण तो नहीं देखे लेकिन समाचार पत्रों और टीवी चैनलों की वेबसाइटों पर सभी इसे अल नीनो लिख रहे हैं। जागरण में मुझे एल नीनो भी दिखा (देखें चित्र)।


लेकिन ये दोनों ही ग़लत उच्चारण हैं।
El Niño एक स्पैनिश शब्द है और इसका सही उच्चारण है अल नीन्यो। इसमें Niño का अर्थ है लड़का या बच्चा और उससे पहले El का प्रयोग अंग्रेज़ी के The की तरह होता है। यानी El Niño का अंग्रेज़ी में मतलब हुआ The Boy या The Child.
इसी तरह एक और शब्द है La Niña (ल नीन्या) जिसमें Niña का अर्थ होता है लड़की। La Niña का अंग्रेज़ी में मतलब हुआ The Girl.
El Niño और La Niña के सही उच्चारण तो आपने जान लिए। आइए, अब यह भी समझ लेते हैं कि ये हैं क्या और इनको लड़के और लड़की वाले नाम क्यों दिए गए हैं।
El Niño जलवायु में होनेवाले परिवर्तनों की एक शृंखला है जो हर कुछ साल के अंतर पर प्रशान्त महासागर के भूमध्यसागरीय इलाक़े में स्थित देशों को प्रभावित करती है। इससे कुछ इलाक़ों में सूखा पड़ जाता है तो कहीं बहुत अधिक बारिश हो जाती है। इस साल भी आशंका है कि यह भारत सहित कई देशों पर बुरा असर डालेगी।
La Niña भी El Niño की ही तरह जलवायु को परिवर्तित करता है लेकिन उसका असर उलटा होता है। El Niño के कारण जहाँ समुद्री सतह का पानी गर्म हो जाता है, वहीं La Niña के कारण समुद्री सतह का पानी ठंडा हो जाता है। इसके चलते नुक़सान भी अपेक्षाकृत कम होता है।
अब रहा सवाल यह कि सूखा और बारिश लाने वाली इन मौसमी परिघटनाओं को लड़के और लड़की का नाम क्यों दिया गया। इसकी वजह यह बताई जाती है कि सन 1600 के आसपास पेरू के मछुआरों ने पाया कि समुद्र का पानी यकायक गर्म हो गया है। चूँकि वह दिसंबर का महीना था और ईसा मसीह का जन्मदिन (क्रिसमस) क़रीब था सो क्राइस्ट के नाम पर उस परिघटना को बच्चे या लड़के (शिशु ईसा) का नाम दे दिया गया।
बाद में जब समुद्री पानी के ठंडा होने और उसकी वजह से मौसम में बदलाव की परिघटना का पता चला तो उसे El Niño (The Boy) से मैच करते हुए La Niña (The Girl) कह दिया गया हालाँकि पहले वैज्ञानिकों ने उसे El Viejo (The Old Man) का नाम दिया था। लेकिन लड़का और लड़की का जोड़ा भाषाई दृष्टि से अधिक सुरुचिपूर्ण लगता है तो La Niña नाम ही फ़ाइनल हुआ और अब यही चल रहा है।
El Niño और La Niña जलवायु (Climate) से जुड़े मामले हैं। इस जलवायु के बारे में अक्सर भ्रम हो जाता है कि यह स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग। आम तौर पर इसको स्त्रीलिंग के रूप में इस्तेमाल किया जाता है लेकिन शब्दकोश इसे पुल्लिंग बताते हैं। ऐसे में सही क्या है, इस पर अतीत में चर्चा की थी। रुचि हो तो पढ़ें।
