भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष का नाम हिंदी मीडिया में दो तरह से लिखा जा रहा है। नितिन नवीन और नितिन नबीन। आज की शब्दचर्चा में यही बताया गया है कि उनका सरनेम नवीन है या नबीन।
बीजेपी के नए अध्यक्ष का नाम हिंदी वेबसाइटों और अख़बारों में दो तरह से लिखा जा रहा है – नितिन नवीन और नितिन नबीन। मैंने गूगल न्यूज़ पर उनका नाम लिखकर सर्च किया तो पता चला कि दैनिक भास्कर, जागरण, NDTV हिंदी, अमर उजाला, हिंदुस्तान, प्रभात ख़बर आदि नितिन नवीन लिख रहे हैं और DDNews, नवभारत टाइम्स, आजतक, इंडिया टीवी, News18 आदि नितिन नबीन लिख रहे हैं।
जनसत्ता की एक ख़बर में नवीन मिला तो दूसरी में नबीन। लेकिन यह कन्फ़्यूश्ज़न केवल मीडिया में नहीं है। ख़ुद बीजेपी में भी यह कन्फ़्यूश्ज़न है जिसके सोशल मीडिया पन्नों पर और नेताओं के पोस्ट में, जिनमें ख़ुद नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं, नबीन लिखा मिलता है।

X पर नरेंद्र मोदी ने उनको बधाई देते हुए जो पोस्ट डाला, उसमें भी नबीन लिखा हुआ था। इस पोस्ट को शेयर करते हुए नवभारत टाइम्स की डिप्टी ब्यूरो चीफ़ पूनम पांडे ने लिखा – ‘बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन या नितिन नबीन, यह कन्फ्यूजन था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैंडल पर नबीन लिखा है। तो अब यही माना जाए फिर।’
लेकिन अख़बार के संपादक आशीष पांडे इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने लिखा, ‘ग़लती किसी से भी हो सकती है।’ उन्होंने ख़ुद नए अध्यक्ष को टैग करके पूछ लिया कि उनका नाम क्या लिखा जाए।
पार्टी ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका नाम हिंदी में नवीन ही है और अंग्रेज़ी में Nitin Nabin है।
वैसे इससे पहले ही शिवम भट्ट अपनी ‘खोजी पत्रकारिता’ के बल पर सिद्ध कर चुके थे कि नए अध्यक्ष का नाम नितिन नवीन है। उन्होंने एक मिनट में नेट पर मौजूद उनका चुनावी हलफ़नामा खोजा जहाँ उन्होंने अपना नाम नितिन नवीन लिखा हुआ है (देखें उनका X पर पोस्ट)।
यह तो वही कहावत हुई – गोदी में छोरा और गाँव में ढिंढोरा।
नए और पुराने दोनों तरह के पत्रकारों को शिवम भट्ट जैसों से सीखना चाहिए कि किस तरह किसी नेता के नाम की सही वर्तनी इंटरनेट पर उनका चुनावी हलफ़नामा तलाश करके आसानी से खोजी जा सकती है।
