2025 के लिए Nobel पुरस्कारों की घोषणा होनी शुरू हो गई है। हिंदी मीडिया में इसकी ख़बरें भी आ रही हैं लेकिन कोई इसे नोबल लिख रहा है तो कोई नोबेल। सही क्या है, आज इसी पर चर्चा की है। रुचि हो तो आगे पढ़ें।
हर व्यक्ति, वस्तु या जगह का एक ख़ास नाम होता है और उसका बहुत महत्व भी होता है। लेकिन सही जानकारी न होने से वह मीडिया में अलग-अलग तरह से लिखा जाता है। इस कॉलम का मक़सद देशी-विदेशी नामों को लेकर व्याप्त भ्रम को दूर करना है।
2025 के लिए Nobel पुरस्कारों की घोषणा होनी शुरू हो गई है। हिंदी मीडिया में इसकी ख़बरें भी आ रही हैं लेकिन कोई इसे नोबल लिख रहा है तो कोई नोबेल। सही क्या है, आज इसी पर चर्चा की है। रुचि हो तो आगे पढ़ें।
HUAWEI चीन की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है और बहुत बड़ा टेक्नॉलजी ब्रैंड है जिसकी ख़बरें हिंदी मीडिया में भी आती रहती हैं। लेकिन उसका नाम यहाँ दो तरह से लिखा जाता है – हुआवेई और हुवावेई। आजतक और हिंदुस्तान में मैंने हुवावे भी देखा और बीबीसी की एक बहुत पुरानी 2013 की ख़बर में ह्वावे भी नज़र आया।
RADAR और उसके काम से आप सब परिचित होंगे। लेकिन इसका सही उच्चारण क्या है? हिंदी मीडिया में यह मुख्यतः तीन तरह से लिखा जा रहा है। रडार, राडार और रेडार। एक साइट पर मैंने रैडार भी देखा। आज की शब्दचर्चा इसी RADAR के सही उच्चारण पर है। रुचि हो तो पढ़ें।
विजयदशमी या विजयादशमी? यह एक ऐसा कन्फ़्यूश्ज़न है जो हर दशहरे पर उत्पन्न होता है। कुछ लोग विजयदशमी लिखते हैं, कुछ लोग विजयादशमी। और मुश्किल यह है कि इस भ्रम के निवारण में हमारा हिंदी मीडिया कोई मदद नहीं करता। शायद इसलिए कि वह ख़ुद भी भ्रमित है या उसे सही-ग़लत की परवाह ही नहीं।
NATO 30 यूरोपीय और 2 उत्तर अमेरिकी देशों का एक सैन्य संगठन है जिसका ज़िक्र हिंदी मीडिया में कभी-कभार ही होता है। NATO का नाम लिखते समय हिंदी मीडिया दो वर्तनियों का इस्तेमाल करता है – नाटो और नेटो। आज की चर्चा इसी पर है कि इन दोनों में सही क्या है।