Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

52. आध्यात्मिक लोगों की रुचि अध्यात्म में या आध्यात्म में?

अध्यात्म को कई लोग आध्यात्म बोलते हैं, यह मुझे मालूम है लेकिन उनकी संख्या इतनी ज़्यादा है, यह मुझे इन शब्दों पर किए गए फ़ेसबुक पोल से पता चला। उस पोल में क़रीब 40% ने आध्यात्म को सही बताया था। यह ग़लत उच्चारण इतना ज़्यादा प्रचलित है कि कुछ धर्मगुरु भी अध्यात्म की जगह आध्यात्म बोलते हैं। वे ऐसा क्यों बोलते हैं, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

51. निदान का अर्थ है ‘कारण’, कैसे हो गया ‘समाधान’?

निदान एक ऐसा शब्द है जो आज बिल्कुल ही भिन्न अर्थ में इस्तेमाल हो रहा है। कभी इसका अर्थ था कारण और आज इसका मतलब समाधान हो गया है। किसी शब्द का अर्थ अगर समय के साथ बदल जाए तो क्या उसके बदले हुए अर्थ को स्वीकार कर लेना चाहिए या मूल अर्थ को ही सही माना जाना चाहिए? निदान इस बहस के लिए उपयुक्त मिसाल है।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

50. सीरीज़ को हिंदी में श्रृंखला लिखेंगे या शृंखला?

CHAIN के लिए हिंदी में जो शब्द सबसे ज़्यादा चलता है, वह है ज़ंजीर जो फ़ारसी से आया है। एक और शब्द है जो संस्कृत से आया है और जो SERIES के लिए भी इस्तेमाल होता है। शब्द बहुत कठिन नहीं है लेकिन इसको लिखने में समस्या आती है। कुछ लोग इसे श्रृंखला लिखते हैं तो कुछ शृंखला। सही क्या है और क्यों है, जानने के लिए आगे पढ़ें।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

49. जो मुझे ‘दीख’ रहा है, आपको नहीं ‘दिख’ रहा?

दिखना या दीखना? यह एक ऐसा सवाल है जिसपर अधिकतर लोग कहेंगे, यह भी कोई पूछने की बात है। दिखना ही सही है। सभी यही लिखते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। एक समय था जब दीखना ही चलता था। आख़िर कैसे दीख का दिख हुआ, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

48. जीना से जीया या जिया, पीना से पीया या पिया?

जीना और पीना क्रियाएँ हैं। इनको अगर भूतकाल में लिखा जाए तो ‘जीया’ लिखा जाएगा या ‘जिया’, ‘पीया’ लिखा जाएगा या ‘पिया’? तर्क से सोचें तो जीना से जीया और पीना से पीया ही होना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे खाना से खाया होता है और रहना से रहा होता है। सही क्या है और क्यों है, जानने के लिए आगे पढ़ें।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial