Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

49. जो मुझे ‘दीख’ रहा है, आपको नहीं ‘दिख’ रहा?

दिखना या दीखना? यह एक ऐसा सवाल है जिसपर अधिकतर लोग कहेंगे, यह भी कोई पूछने की बात है। दिखना ही सही है। सभी यही लिखते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। एक समय था जब दीखना ही चलता था। आख़िर कैसे दीख का दिख हुआ, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

48. जीना से जीया या जिया, पीना से पीया या पिया?

जीना और पीना क्रियाएँ हैं। इनको अगर भूतकाल में लिखा जाए तो ‘जीया’ लिखा जाएगा या ‘जिया’, ‘पीया’ लिखा जाएगा या ‘पिया’? तर्क से सोचें तो जीना से जीया और पीना से पीया ही होना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे खाना से खाया होता है और रहना से रहा होता है। सही क्या है और क्यों है, जानने के लिए आगे पढ़ें।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

47. इस रहस्यमय जगत में ‘रहस्यमयी’ कुछ भी नहीं

रहस्यमय कथा या रहस्यमयी कथा? आप कहेंगे, रहस्यमयी कथा क्योंकि कथा स्त्रीलिंग है। अगर उपन्यास होता तो होता रहस्यमय उपन्यास। वैसे ही जैसे लड़का के साथ अच्छा और लड़की के साथ अच्छी लगता है! सही कह रहे हैं आप। लेकिन आपने एक बात मिस कर दी। अच्छा के अंत में ‘आ’ की मात्रा है, रहस्यमय के अंत में ‘अ’ है। क्या आपने सुंदरी लड़की कभी सुना है?

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

46. ‘इन्कार’ की जगह ‘मना’ लिखना सख़्त मना है

बच्ची ने दूध पीने से ‘मना’ कर दिया, यह वाक्य सही है या ग़लत है? ‘मना’ को मैंने हाइलाइट कर दिया है ताकि आपको पता चल जाए कि ध्यान किस शब्द पर देना है। अगर आपको लगता है कि यह ग़लत है तो आगे पढ़ने की ज़रूरत नहीं है। अगर आपको लगता है कि यह वाक्य सही है तो आगे पढ़ें क्योंकि इससे आप जान पाएँगे कि मना और इन्कार के अर्थों में बड़ा अंतर है।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

45. आशीर्वाद के बोल – आयुष्मान् भव: या आयुष्मान् भव?

यह क्लास संस्कृत के एक आशीष वाक्य से जुड़ी है। इसमें एक शब्द आता है – वह भव है या भवः, यही है सवाल। अधिकतर लोग इसे भवः लिखते-बोलते हैं जो कि हमारे पोल से भी सामने आया। एक सीरियल के नाम में भी भवः ही था। लेकिन क्या यह सही है, जानने के लिए आगे पढ़ें।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial