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आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

147. 2022 को क्या कहेंगे – दो हज़ार बाइस या बाईस?

2021 जाने वाला है और 2022 आने वाला है। इस साल को हम क्या बोलेंगे या लिखेंगे – दो हज़ार बाइस या दो हज़ार बाईस? इन शॉर्ट 22 के लिए जो शब्द है, उसमें है या ? जब मैंने यह सवाल फ़ेसबुक पर पूछा तो दो तरह के परिणाम आए। एक पोल में 65% ने ‘बाईस’ के पक्ष में वोट किया जबकि ‘बाइस’ के समर्थक 35% के आसपास रहे। दूसरे पोल में ‘बाईस’ के समर्थक और ज़्यादा थे (83%) थे और ‘बाइस’ के और कम (केवल 17%)। सही क्या है, अगर आप भी जानता हैं तो आगे पढ़ें।

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146. अनर्गल माने क्या – बकबक या लगातार?

अगर कोई कहे कि मैं आपको ‘अनर्गल’ अंग्रेज़ी बोलना सिखाऊँगा तो आप इसका क्या मतलब निकालेंगे? यही कि बंदे के दिमाग़ में कोई लोचा है वरना कोई अनर्गल यानी अनाप-शनाप अंग्रेज़ी बोलना क्यों सीखना या सिखाना चाहेगा! मैं भी एक यूट्यूब व़िडियो का यह शीर्षक देखकर चौंक गया था लेकिन जब शब्दकोश में अनर्गल का अर्थ देखा तो पता चला कि अनर्गल का एक और मतलब भी है… बल्कि मूल मतलब वही है। क्या है वह, जानने के लिए आगे पढ़ें।

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145. अच्छे स्वास्थ्य वाले को स्वस्थ कहेंगे या स्वस्थ्य?

सेहत को कहते हैं स्वास्थ्य, यह तो आप जानते ही होंगे। मगर क्या आप जानते हैं कि जिसका स्वास्थ्य अच्छा है, उसे स्वस्थ कहेंगे या स्वस्थ्य? जब मैंने यही सवाल फ़ेसबुक पर पूछा तो अधिकतर लोगों ने कहा, स्वस्थ सही है हालाँकि स्वस्थ्य के समर्थक भी बहुत कम नहीं थे। सही क्या है और क्यों है, जानने के लिए आगे पढ़ें।

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144. आग के कण को क्या कहेंगे, चिनगारी या चिंगारी?

अग्नि के छोटे-से कण को क्या कहते हैं – चिनगारी या चिंगारी? जब मैंने इसपर फ़ेसबुक पोल किया तो सबसे ज़्यादा वोट पड़े चिंगारी के पक्ष में – क़रीब 80%। इस परिणाम ने मुझे चौंकाया नहीं क्योंकि इससे दो साल पहले मैंने एक और मंच पर यही पोल किया था और वहाँ भी मिलता-जुलता परिणाम आया था। तब 82% ने चिंगारी को सही बताया था। यानी हर पाँच में चार लोग चिंगारी को सही मानते हैं। मगर क्या वे सही है? जानने के लिए आगे पढ़ें।

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143. भरत की माँ का नाम क्या था – कैकेयी या कैकई?

वाल्मीकि रामायण में भरत की माँ का नाम कैकेयी लिखा हुआ है। रामचरितमानस में कहीं कैकेई तो कहीं कैकई लिखा हुआ है। ऐसे में किसी के भी मन में प्रश्न उठ सकता है कि सही क्या है। अगर कैकेयी सही है क्योंकि वाल्मीकि रामायण पहले लिखी गई है तो तुलसीदास ने उसे बिगाड़कर कैकेई या कैकई क्यों किया? आइए, आज की क्लास में पता करने की कोशिश करते हैं कि सच्चाई क्या है।

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