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आलिम सर की हिंदी क्लास शब्द पहेली

16. मदरसा का उच्चारण मदर्सा की तरह होगा या मद्रसा जैसा?

मदरसा का मतलब तो आप सब जानते होंगे – स्कूल, ख़ासकर इस्लामी शिक्षा देने वाला स्कूल। हिंदी में इसे कैसे लिखते हैं, यह भी आपको मालूम होगा – म-द-र-सा। परंतु क्या आप उसका सही उच्चारण जानते हैं? मदरसा को कैसे बोला जाएगा – मदर्सा (मदर्+सा) या मद्रसा (मद्+रसा)? जानने के लिए आगे पढ़ें।

जब मैंने इस विषय पर फ़ेसबुक पर सवाल पूछा तो 74 प्रतिशत वोट मदर्सा (मदर+सा) के उच्चारण पर पड़े जबकि मद्रसा (मद+रसा) को 26 प्रतिशत वोट मिले।

सही क्या है? सही है मद्रसा या मद्रिसा। रेख़्ता की साइट पर इसकी अंग्रेज़ी स्पेलिंग दी हुई है MAD.RASA। ध्यान दीजिए, इसमें D के बाद A नहीं है जिसका अर्थ यह हुआ कि द का उच्चारण व्यंजन की तरह यानी द् की तरह करना है। यदि अब भी स्पष्ट न हुआ हो तो आप इस लिंक पर जाकर और स्पीकर वाले आइकन पर क्लिक या टैप करके इसका उच्चारण सुन सकते हैं।

मुहम्मद मुस्तफ़ा ख़ाँ ‘मद्दाह’ के उर्दू-हिंदी शब्दकोश में इसकी वर्तनी मद्रिसः दी गई है जिसका हिंदी रूपांतर मद्रिसा होगा। हो सकता है, मूल शब्द यही हो। यदि लिखने में और बोलचाल में यही मदरिसा वाली स्पेलिंग होती तो उच्चारण में कोई भ्रम नहीं होता। आप मद+रिसा बोलते या मदरि+सा, उच्चारण एक जैसा निकलता। लेकिन मदरसा के कारण गड़बड़ हो गई।

आख़िर समस्या कहाँ है? क्यों हम हिंदी में एक ही शब्द का अलग-अलग उच्चारण करने लगते हैं जबकि कहा यह जाता है कि इसमें जैसा लिखा जाता है, वैसा बोला जाता है। कारण केवल एक है – हिंदी के शब्दों में मौजूद अकार वर्ण जिनका उच्चारण कहीं तो आधा होता है और कहीं पूरा। जैसे रा-ज-म-ह-ल। इसमें रा ‘आकार’ और बाक़ी चारों ‘अकार’ वर्ण हैं। कहने को चारों के साथ ‘अ’ स्वर लगा हुआ है (किसी में भी हल् का चिह्न नहीं है जैसा मैंने हल् के ल में लगाया है) लेकिन बोलने में केवल ‘म’ और ‘ह’ को स्वर के साथ बोला जाता है, ‘ज’ और ‘ल’ को व्यंजन की तरह यानी आधा (ज् और ल्) बोला जाता है इस तरह – राज्महल्। जो जानते हैं कि ये शब्द राज और महल के मिलने से बना है, वे इसका सही उच्चारण करते हैं – राज्+महल्। मगर कोई बच्चा हो जो हिंदी सीख रहा हो या कोई अहिंदीभाषी हो जो राज और महल का अर्थ नहीं जानता हो तो यह भी संभव है कि वह इसे राज्+महल् के बजाय राजम्+हल् पढ़े जैसे मैंने कभी नक़बज़नी को नक+बजनी पढ़ा था।

इस अनुभव ने मुझे बताया कि कैसे शब्द के मूल पद न जानने से अर्थ का अनर्थ हो जाता है। शब्द था न-क-ब-ज-नी। यह शब्द दिल्ली के अख़बारों में तो नहीं दिखता लेकिन राजस्थान के अख़बारों में ख़ूब चलता है। कम-से-कम कुछ दस-पंद्रह साल पहले तो चलता ही था जब मैं छुट्टियों में राजस्थान स्थित अपने पैतृक शहर को जाता था। वहाँ अख़बारों में यह हेडलाइन होती थी – नकबजनी में हजारों की लूट। मैंने पहली बार इसे देखा तो नक+बजनी (नाक बजना) ही पढ़ा और समझ नहीं पाया कि लूट का नाक के बजने से यानी खर्राटों से क्या संबंध है। कुछ दिन बाद अचानक दिमाग़ में आया – कहीं यह तो नक़ब+ज़नी है तो नहीं? मतलब चोर नक़ाब पहनकर आते होंगे और चोरी करते होंगे। मैंने सोचा कि हिंदी के अख़बारों में नुक़्ते का प्रचलन तो है नहीं, इसी कारण नक़ब+ज़नी को नकब+जनी लिखा जाता है। यह तो बहुत बाद में पता चला कि मूल शब्द नक़्ब है जिसे नक़ब भी लिखा जाता है और जिसका मतलब नक़ाब नहीं, सेंध है और नक़्ब+ज़नी का अर्थ है सेंधमारी।

हिंदी और उर्दू के बाद हम अंग्रेज़ी पर आते हैं जहाँ हम शब्द के मूल हिस्से (जिनको हम सिल्अबल कहते हैं) नहीं पहचानने से उच्चारण में ग़लती कर बैठते हैं। एक शब्द है MISHAP और दूसरा SHEPHERD। क्लास टेन तक मैं इन दोनों को मिशैप और शेफ़र्ड पढ़ता रहा क्योंकि सीखा यही था कि SH से श होता है। स्कूल में तब शब्दों को टुकड़ों में बाँटकर परखने की शिक्षा नहीं दी जाती थी जैसी कि आज अच्छे स्कूलों में दी जाती है। क्लास टेन का बाद जब शब्दकोश देखने की रुचि जगी तब पता चला कि MISHAP तो MIS और HAP से बना है और इसका उच्चारण होगा मिस.हैप। इसी तरह SHEPHERD भी SHEP और HERD से मिलकर बना है और इसीलिए इसका भी उच्चारण होगा शेप.हर्ड। सही? नहीं। SHEPHERD का उच्चारण है शेप.अड यानी शेपड। यानी दूसरे हिस्से में मौजूद H का ह भी ग़ायब और R का र भी।

बाद में मैंने अपनी रुचि के चलते अंग्रेज़ी उच्चारण के पैटर्न पर काफ़ी माथापच्ची की और मुझे इस समुद्रमंथन में सात नियम मिले जिनके आधार पर हम सारे तो नहीं लेकिन 75-80% अंग्रेज़ी शब्दों के उच्चारण का अंदाज़ा बिना शब्दकोश देखे लगा सकते हैं। मगर उन नियमों से आप SWORD, SEWING, SEWER और BURY जैसे शब्दों के सही उच्चारण नहीं जान सकते। उसके लिए आपको शब्दकोश देखना ही होगा। क्या कहा? आप बिना शब्दकोश देखे बता सकते हैं इनके सही उच्चारण? अगर हाँ तो ज़रा कॉमेंट में लिखकर बताएँ। देखें, आपकी जानकारी कितनी पुख़्ता है।

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