हिंदी में ‘यह’ और ‘ये’ का कहाँ इस्तेमाल करना है, इसपर बहुत भ्रम है। आज की क्लास में हम इसी के बारे में बात करेंगे कि कहाँ ‘यह’ और ‘वह’ का इस्तेमाल करना चाहिए और कहाँ ‘वह’ और ‘वे’ का।
हिंदी में ‘यह’ और ‘ये’ का कहाँ इस्तेमाल करना है, इसपर बहुत भ्रम है। आज की क्लास में हम इसी के बारे में बात करेंगे कि कहाँ ‘यह’ और ‘वह’ का इस्तेमाल करना चाहिए और कहाँ ‘वह’ और ‘वे’ का।
अंग्रेज़ी में बहुवचन बनाते समय संज्ञाओं और सर्वनामों का रूप कुछेक अपवादों को छोड़कर हमेशा बदलता है। लेकिन हिंदी में ऐसा नहीं है। कभी बदलता है, कभी नहीं। आज की क्लास में हम यही जानेंगे कि कब बहुवचन में शब्दों का रूप बदलता है और कब नहीं।
‘ड’ और ‘ड़’ के बारे में एक आसान नियम है कि ड हमेशा शब्द के शुरू में होता है और ‘ड़’ बीच में और आख़िर में। लेकिन कभी-कभी ‘ड’ बीच में और अंत में भी आता है लेकिन कुछ ख़ास स्थितियों में। ऐसा कब होता है, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।
आज की क्लास छोटी है लेकिन मामला छोटा नहीं है ख़ासकर उन लोगों के लिए जो ‘कि’ और ‘की’ की दुविधा से परेशान हैं। मैंने इसके तीन उपाय बताए हैं जिनमें एक व्याकरण का, दूसरा अंग्रेज़ी का और तीसरा जुगाड़ का है। जिसको जो उपाय समझ में आए, अपना ले।
पिछले दिनों ‘शोले’ का वीरू मेरे सपने में आया और कहने लगा, ‘आलिम जी, सुना है कि आप सबको हिंदी सिखाते हो। हमको भी सिखा दो। हम बसंती को लव लेटर लिखेंगे। बताओ, उसका नाम बसंती लिखें कि बसन्ती?’ मैंने कहा, ‘दोनों सही है – बसंती लिखो चाहे बसन्ती। बाक़ी इस मामले में ज़्यादा जानना हो तो मेरी अगली क्लास पढ़ लेना।’ वीरू इसका कुछ जवाब देता, इससे पहले ही सपना टूट गया। लेकिन मेरे वादे के अनुसार क्लास तैयार है।