‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त है। पहले इसके शुरुआती दो पद ही राष्ट्रगान में शामिल थे। अब पूरा का पूरा वंदे मातरम इसमें शामिल कर दिया गया है। ये बाक़ी के जो हिस्से हैं, वे न केवल मुस्लिम विरोधी हैं, बल्कि पूरी की पूरी किताब जिसका यह अंश है, मुसलमानों के विरुद्ध और अंग्रेज़ों के समर्थन में है। क्या ऐसे गीत को राष्ट्रगान बनाना उचित है?
