जिन शब्दों में ऋ होता है, उनके उच्चारण पर बहुत भ्रम है। जैसे गृह को कोई ग्रिह कहता है, कोई ग्रह और कोई ग्रुह। इसी तरह कृपा को भी तीनों तरह से बोला जाता है – क्रिपा, क्रपा या क्रुपा। आज की चर्चा इसी विषय पर है कि ऋ का सही उच्चारण क्या है।
हिंदी में कई शब्दों के बारे में भ्रम होता है। आलिम सर की इस क्लास में इन्हीं शब्दों के बारे में बात की गई है और शंका का निवारण किया गया है।
जिन शब्दों में ऋ होता है, उनके उच्चारण पर बहुत भ्रम है। जैसे गृह को कोई ग्रिह कहता है, कोई ग्रह और कोई ग्रुह। इसी तरह कृपा को भी तीनों तरह से बोला जाता है – क्रिपा, क्रपा या क्रुपा। आज की चर्चा इसी विषय पर है कि ऋ का सही उच्चारण क्या है।
पांडुलिपि का मतलब तो आप जानते ही होंगे – हाथ से लिखा गया कोई ग्रंथ जैसा ऊपर चित्र में है। लेकिन इसमें पांडु शब्द का क्या अर्थ है – 1. हाथ, 2. प्राचीन, 3. सफ़ेद रंग जिसमें थोड़ा पीलापन हो या 4. पत्ता जिसपर लिखा जाए? आज की चर्चा इसी पर है। रुचि हो तो पढ़ें।
ख़्वाब का मतलब तो हम सब जानते हैं – सपना। लेकिन हिंदी के कुछ मशहूर गानों में ख़्वाब के बजाय ख़ाब का इस्तेमाल किया गया है। क्या इस गानों के गीतकार या गायक इस शब्द का सही उच्चारण नहीं जानते हैं या सही शब्द ख़्वाब नहीं, ख़ाब है? आज की शब्दचर्चा इसी पर है। रुचि हो तो पढ़ें।
असमतल यानी ऊँची-नीची (ज़मीन) के लिए कौनसा शब्द सही है? उबड़-खाबड़ या ऊबड़-खाबड़? यानी शुरू में ‘उ’ होगा या ‘ऊ’? आज की चर्चा इसी विषय पर है। रुचि हो तो पढ़ें।
‘अधिकतर धर्मावलंबी आजीवन इसी ख़ुशफ़हमी/ग़लतफ़हमी में रहते हैं कि उनका धर्म सबसे अच्छा है।’ इस वाक्य में ‘ख़ुशफ़हमी’ लिखना सही है या ‘ग़लतफ़हमी’ या फिर दोनों में से कोई भी शब्द लिखा जा सकता है? जानने के लिए आगे पढ़ें।