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आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

224. आपका साँस फूलता है या आपकी साँस फूलती है?

शीर्षक को देखकर आप संभवतः सोच रहे होंगे कि यह भी क्या सवाल हुआ। साँस स्त्रीलिंग है और इसीलिए ‘फूलती है’ ही लिखा जाएगा। साँस फूलता है – यह तो वही कहेगा जिसे साँस का लिंग नहीं मालूम। लेकिन अगर ऐसा है तो हिंदी का सबसे प्रामाणिक शब्दकोश हिंदी शब्दसागर ‘साँस फूलने लगा’ को सही क्यों बता रहा है?

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223. शोले = S H O L A Y लिप्यंतरण है या लिप्यांतरण?

गूगल पर अगर आपको ‘शोले’ फ़िल्म सर्च करनी हो तो आप क्या लिखेंगे? शोले या Sholay? इसी तरह ‘तू जाने ना’ वाला गाना खोजना हो तो क्या लिखेंगे – तू जाने ना या Tu jaane na? हममें से अधिकतर लोग इस मामले में अंग्रेज़ी की रोमन लिपि का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह आसान है या फिर इसलिए कि बहुतों को हिंदी टाइपिंग नहीं आती। इस तरह किसी शब्द को किसी एक लिपि से दूसरी लिपि में लिखने की क्रिया को अंग्रेज़ी में Transliteration कहते हैं। लेकिन हिंदी में इसे क्या कहते हैं – लिप्यंतर, लिप्यांतर, लिप्यंतरण या लिप्यांतरण? आज की चर्चा इसी विषय पर है। रुचि हो तो पढ़ें।

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222. बुज़दिल में ‘बुज़’ किस जानवर का नाम है?

बुज़दिल का मतलब तो आप जानते ही हैं – कायर, डरपोक। लेकिन क्या आपको पता है कि जैसे शेरदिल में शेर एक जानवर का नाम है, वैसे ही बुज़दिल में बुज़ भी एक जानवर का नाम है ? तो बताएँ, किस जानवर को कहते हैं बुज़। चूहा, गधा, सियार, बकरा? या कुछ और? जानने के लिए आगे पढ़ें।

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221. सृजन सही है या सर्जन, सृजनात्मक या सर्जनात्मक?

सृजन शब्द तो आप जानते ही होंगे। इसका अर्थ है रचना, उत्पत्ति Creation. इसी से बनते हैं सृजनात्मक, सृजनशील जैसे शब्द। ऐसे में यदि कोई ज्ञानी व्यक्ति आपसे कहे कि सृजन शब्द ग़लत है, सही शब्द है सर्जन तो आप क्या करेंगे? मान लेंगे? क्या सृजन की जगह सर्जन और सृजनात्मक की जगह सर्जनात्मक का प्रयोग शुरू कर देंगे? आज की चर्चा इसी विषय पर है – सृजन को कुछ लोग क्यों ग़लत बताते हैं? और क्या वह वाक़ई अशुद्ध है?

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220. देवताओं का आह्वान किया जाता है या आवाहन?

धराशायी (पिछली चर्चा) की ही तरह हिंदी का एक और शब्द है जिसके कई-कई रूप आपको इंटरनेट पर मिल जाएँगे। इस शब्द का मतलब है किसी को बुलाना या निमंत्रण देना। मंत्रों द्वारा देवी-देवताओं को बुलाने के अर्थ में भी इसका प्रयोग होता है। लेकिन इसकी सही स्पेलिंग क्या है – आह्वान (आ+ह्+वा+न), आहवान, आव्हान (आ+व्+हा+न), आवहान, आवाह्न (आ+वा+ह्+न) या आवाहन? आज की चर्चा इसी विषय पर है। रुचि हो तो पढ़ें।

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