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आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

143. भरत की माँ का नाम क्या था – कैकेयी या कैकई?

वाल्मीकि रामायण में भरत की माँ का नाम कैकेयी लिखा हुआ है। रामचरितमानस में कहीं कैकेई तो कहीं कैकई लिखा हुआ है। ऐसे में किसी के भी मन में प्रश्न उठ सकता है कि सही क्या है। अगर कैकेयी सही है क्योंकि वाल्मीकि रामायण पहले लिखी गई है तो तुलसीदास ने उसे बिगाड़कर कैकेई या कैकई क्यों किया? आइए, आज की क्लास में पता करने की कोशिश करते हैं कि सच्चाई क्या है।

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142. षड्यंत्र, षडयंत्र या षड़यंत्र : सही शब्द क्या है?

साज़िश के लिए हिंदी में एक शब्द चलता है जिसको तीन तरह से बोला और लिखा जाता है। षयंत्र जिसमें ष के बाद ड है, षड्यंत्र जिसमें ष के बाद ड् है और षड़यंत्र जिसमें ष के बाद ड़ है। इनमें से कौनसा रूप सही है और क्यों, यही जानेंगे हम आज की इस क्लास में।

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141. नमः का सही उच्चारण क्या – नम्ह या नमह्?

मुहम्मद रफ़ी के वह मशहूर गीत आपने ज़रूर सुना होगा – जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा। इस गीत के शुरू में यह गुरुस्तुति है – गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवै नमः। इसमें अंत में जो नमः है, रफ़ी साहब ने उसका उच्चारण नम्ह (नम्+ह) की तरह किया है जबकि कई लोग इसे नमह्(न+मह्) बोलते हैं। आख़िर क्या बोलना सही है – नम्ह या नमह? आइए, जानते हैं।

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140. क़लम ख़रीदी जाती है या ख़रीदा जाता है?

हम सब जानते हैं कि क़लम स्त्रीलिंग है – मेरी क़लम, न कि मेरा क़लम, नीली क़लम, न कि नीला क़लम। लेकिन कमाल अमरोही के लिखे मशहूर गीत ‘कहीं एक मासूम, नाज़ुक-सी लड़की’ में एक लाइन है – क़लम हाथ से छूट जाता तो होगा…। अगर क़लम स्त्रीलिंग है तो यहाँ होना चाहिए था – क़लम हाथ से छूट जाती तो होगी…! तो क्या कमाल अमरोही ने इस गीत में भाषाई ग़लती कर दी? एक ऐसी ग़लती जिसपर किसी और का ध्यान नहीं गया। आइए, जानते हैं, मामला क्या है। क़लम स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग?

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139. गुणों में है जो चरम, वह परम् है या परम?

परमेश्वर, परमात्मा, परमार्थ, परमाणु आदि में जो शुरुआती शब्द है, वह क्या है – परम या परम्। आप कहेंगे, इससे क्या फ़र्क़ पड़ता है। सही है, परमेश्वर या परमात्मा में तो कोई अंतर नहीं पड़ेगा लेकिन जब आप पूज्य या पिता से पहले यह शब्द लगाएँगे तो आपको तय करना होगा कि परम् लिखें या परम। जब मैंने फ़ेसबुक पर यही सवाल किया तो पता चला कि मामला बराबर का है। तक़रीबन आधे परम् को सही बताते हैं, आधे परम को। अब सही क्या है, जानना है तो आगे पढ़ें।

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