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आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

141. नमः का सही उच्चारण क्या – नम्ह या नमह्?

मुहम्मद रफ़ी के वह मशहूर गीत आपने ज़रूर सुना होगा – जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा। इस गीत के शुरू में यह गुरुस्तुति है – गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवै नमः। इसमें अंत में जो नमः है, रफ़ी साहब ने उसका उच्चारण नम्ह (नम्+ह) की तरह किया है जबकि कई लोग इसे नमह्(न+मह्) बोलते हैं। आख़िर क्या बोलना सही है – नम्ह या नमह? आइए, जानते हैं।

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