महाराष्ट्र के एक नेता हैं देवेंद्र फड़नवीस। उनके सरनेम का उच्चारण दो तरह से हो सकता है और होता भी है – फड़+नवीस और फड़न+वीस। आप क्या बोलते हैं? और जो बोलते हैं, क्या सही है या ग़लत, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।
आलिम सर की हिंदी क्लास यानी हिंदी शब्दों और व्याकरण से जुड़ी दुविधाओं का आसान भाषा में समाधान।
महाराष्ट्र के एक नेता हैं देवेंद्र फड़नवीस। उनके सरनेम का उच्चारण दो तरह से हो सकता है और होता भी है – फड़+नवीस और फड़न+वीस। आप क्या बोलते हैं? और जो बोलते हैं, क्या सही है या ग़लत, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।
केरल का एक चर्चित मंदिर है जिसका नाम हिंदी मीडिया में दो तरह से लिखा जाता है – सबरीमाला और सबरीमला। लेकिन ये दोनों ही उच्चारण ग़लत हैं। सही उच्चारण क्या है, आज की चर्चा इसी विषय पर है। रुचि हो तो पूरा पढ़ें।
अंत्येष्टि स्थल को संस्कृत में श्मशान कहते हैं लेकिन श्मशान बोलना थोड़ा मुश्किल है इसलिए कुछ लोगों ने श् को श कर दिया – बन गया शमशान। कुछ और लोग तो इसके शुरू में मौजूद श् की ध्वनि ही खा गए और बोलने लगे मसान। सही क्या है, यह तो आप जान गए मगर श्मशान शब्द में ‘श्म’ और ‘शान’ का क्या अर्थ है, यह जानना हो तो आगे पढ़ें।
हिंदी वर्णमाला में एक संयुक्त वर्ण है क्ष जिसका दो तरह से उच्चारण किया जाता है – क्छ और क्श। मसलन रक्षा को कहीं रक्छा बोला जाता है, कहीं रक्शा। क्षमा को कहीं क्छमा बोला जाता है तो कहीं क्शमा। आख़िर क्ष का सही उच्चारण क्या है? क्छ, क्श या कुछ और? जानने के लिए आगे पढ़ें।
प्राचीन ग्रंथों में एक महायज्ञ का उल्लेख है जिसमें घोड़े की प्रधान भूमिका रहती थी। इसीलिए इस यज्ञ के नाम के शुरू में ‘अश्व’ है जिसका अर्थ है घोड़ा। लेकिन अश्व के बाद क्या है, इसपर लोगों में भ्रम है। कुछ लोग इसे अश्वमेध (ध) लिखते हैं, कुछ लोग अश्वमेघ (घ)। सही क्या है, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।