साज़िश के लिए हिंदी में एक शब्द चलता है जिसको तीन तरह से बोला और लिखा जाता है। षडयंत्र जिसमें ष के बाद ड है, षड्यंत्र जिसमें ष के बाद ड् है और षड़यंत्र जिसमें ष के बाद ड़ है। इनमें से कौनसा रूप सही है और क्यों, यही जानेंगे हम आज की इस क्लास में।
साज़िश के लिए हिंदी में एक शब्द चलता है जिसको तीन तरह से बोला और लिखा जाता है। षडयंत्र जिसमें ष के बाद ड है, षड्यंत्र जिसमें ष के बाद ड् है और षड़यंत्र जिसमें ष के बाद ड़ है। इनमें से कौनसा रूप सही है और क्यों, यही जानेंगे हम आज की इस क्लास में।
सचिन के रियाटरमंट के बाद की बात है। कुछ लड़के सचिन पर बातचीत कर रहे थे। एक फ़ैन ने उनके रेकॉर्ड गिनाते हुए कहा कि सचिन सबसे बेस्ट हैं…। मैंने हस्तक्षेप किया। बोला, ‘सचिन बेस्ट हैं लेकिन सबसे बेस्ट नहीं हैं।’ वे चौंके कि मैं ऐसा क्यों कह रहा हूँ लेकिन जब कारण बताया तो सब मान गए कि सचिन ‘बेस्ट’ हो सकते हैं लेकिन ‘सबसे बेस्ट’ नहीं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि सचिन ‘सबसे बेस्ट’ क्यों नहीं हैं तो आगे पढ़ें।
पिछली क्लास में हमने eT से समाप्त होनेवाले शब्दों में देखा कि वहाँ अधिकतर मामलों में, ख़ासकर नाउन वाले शब्दों में, उसका उच्चारण ‘इट’ हो रहा है, न कि ‘एट’। इस क्लास में हम ऐसे सफ़िक्सों के बारे में बात करेंगे जहाँ e के बाद कोई और कॉन्सनंट हैं जैसे -eL, -eN, -eR आदि। कभी-कभी e के बाद दो कॉन्सनंट भी आते हैं जैसे -eRN, -eNT आदि। वैसे शब्दों की चर्चा भी इसी के साथ होगी क्योंकि उसका भी वही नियम है। हम इसे -eC और -eCC की क्लास कहेंगे।
आज हम ET पर चर्चा करेंगे। मगर उस ईटी (Extra-terrestrial) की नहीं जो ऋतिक रोशन की फ़िल्म ‘कोई… मिल गया’ में था। हम बात करेंगे उस -et की जो Cric.ket और Mar.ket की स्पेलिंगों में है और जिसका उच्चारण हम ‘एट’ करते हैं – क्रिकेट और मार्केट। लेकिन वही -et जब Bud.get में होता है तो हम उसे ‘अट’ बोलते हैं – बजट। आप ज़रूर जानना चाहेंगे कि et का सही उच्चारण क्या है – एट या अट? जानने के लिए आगे पढ़ें।
मुहम्मद रफ़ी के वह मशहूर गीत आपने ज़रूर सुना होगा – जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा। इस गीत के शुरू में यह गुरुस्तुति है – गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवै नमः। इसमें अंत में जो नमः है, रफ़ी साहब ने उसका उच्चारण नम्ह (नम्+ह) की तरह किया है जबकि कई लोग इसे नमह्(न+मह्) बोलते हैं। आख़िर क्या बोलना सही है – नम्ह या नमह? आइए, जानते हैं।