आज की क्लास एक ऐसी ख़ूबी पर है जो हर इंसान दूसरे में तलाशता है लेकिन जब अपना मौक़ा आता है तो उससे परहेज़ करता दिखता है। यह ख़ूबी है सच के प्रति अपनी निष्ठा की। सवाल बस यह है कि इसे कैसे लिखेंगे या बोलेंगे – सचाई या सच्चाई?
आज की क्लास एक ऐसी ख़ूबी पर है जो हर इंसान दूसरे में तलाशता है लेकिन जब अपना मौक़ा आता है तो उससे परहेज़ करता दिखता है। यह ख़ूबी है सच के प्रति अपनी निष्ठा की। सवाल बस यह है कि इसे कैसे लिखेंगे या बोलेंगे – सचाई या सच्चाई?
पति कैसे लिखते हैं, आप जानते होंगे। लेकिन जब उसके आगे लख (लाख का छोटा रूप) आ जाता है तो लखपति होगा या लखपती? जब इसपर फ़ेसबुक पर एक पोल किया गया तो क़रीब तीन-चौथाई ने कहा – लखपति, एक-चौथाई ने कहा – लखपती। सही क्या है और क्यों है, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।
महाराष्ट्र के एक नेता हैं देवेंद्र फड़नवीस। उनके सरनेम का उच्चारण दो तरह से हो सकता है और होता भी है – फड़+नवीस और फड़न+वीस। आप क्या बोलते हैं? और जो बोलते हैं, क्या सही है या ग़लत, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।
केरल का एक चर्चित मंदिर है जिसका नाम हिंदी मीडिया में दो तरह से लिखा जाता है – सबरीमाला और सबरीमला। लेकिन ये दोनों ही उच्चारण ग़लत हैं। सही उच्चारण क्या है, आज की चर्चा इसी विषय पर है। रुचि हो तो पूरा पढ़ें।
अंत्येष्टि स्थल को संस्कृत में श्मशान कहते हैं लेकिन श्मशान बोलना थोड़ा मुश्किल है इसलिए कुछ लोगों ने श् को श कर दिया – बन गया शमशान। कुछ और लोग तो इसके शुरू में मौजूद श् की ध्वनि ही खा गए और बोलने लगे मसान। सही क्या है, यह तो आप जान गए मगर श्मशान शब्द में ‘श्म’ और ‘शान’ का क्या अर्थ है, यह जानना हो तो आगे पढ़ें।